Credit Card Complain: 20 पर्सेंट बढ़ गईं क्रेडिट कार्ड्स से जुड़ीं शिकायतें, विलेन बन रहे हैं प्राइवेट बैंक

RBI Ombudsman Report FY25 credit card data: RBI की रिपोर्ट में क्रेडिट कार्ड यूजर्स की बढ़ती परेशानियों का खुलासा हुआ है। इस साल क्रेडिट कार्ड की शिकायतों में 20% की बढ़ोतरी हुई है। चौंकाने वाली बात यह है कि सरकारी बैंकों के मुकाबले प्राइवेट बैंकों के खिलाफ 10 गुना ज्यादा शिकायतें दर्ज की गई हैं।

Naveen Kumar Pandey
अपडेटेड3 Dec 2025, 06:27 PM IST
क्रेडिट कार्ड को लेकर बढ़ रही हैं शिकायतें (सांकेतिक तस्वीर)
क्रेडिट कार्ड को लेकर बढ़ रही हैं शिकायतें (सांकेतिक तस्वीर)

How to make credit card complain: क्रेडिट कार्ड आज के दौर में 'प्लास्टिक मनी' से ज्यादा 'प्लास्टिक टेंशन' बनता जा रहा है। अगर आपको लगता है कि सिर्फ आप ही हिडेन चार्जेज या गलत बिलिंग से परेशान हैं, तो रिजर्व बैंक (RBI) के नए आंकड़े आपकी आंखें खोल देंगे। ओम्बड्समैन की रिपोर्ट में गहराई से जाने पर पता चलता है कि देश में क्रेडिट कार्ड होल्डर्स की मुश्किलें बहुत तेजी से बढ़ी हैं।

शिकायतों में 20% की सीधी बढ़ोतरी

RBI की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025 में क्रेडिट कार्ड से जुड़ी शिकायतों में 20.04% का जबरदस्त उछाल आया है। यह 'लोन और एडवांस' के बाद दूसरी सबसे बड़ी कैटेगरी बन गई है, जिससे लोग सबसे ज्यादा नाखुश हैं। कुल शिकायतों में क्रेडिट कार्ड का हिस्सा अब 17.15% हो गया है।

आंकड़ों की बात करें तो, ओम्बड्समैन ऑफिस को इस साल क्रेडिट कार्ड से जुड़ी 50,811 शिकायतें मिलीं। यह आंकड़ा बताता है कि डिजिटल पेमेंट की सुविधा के साथ-साथ विवाद भी कितनी तेजी से पैर पसार रहे हैं।

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प्राइवेट बैंक सबसे बड़े विलेन

इस रिपोर्ट का सबसे चौंकाने वाला पहलू प्राइवेट और सरकारी बैंकों के बीच का अंतर है। क्रेडिट कार्ड के मामले में प्राइवेट बैंक ग्राहकों को सबसे ज्यादा निराश कर रहे हैं। प्राइवेट बैंकों के खिलाफ कुल 32,696 शिकायतें सिर्फ प्राइवेट बैंकों के खिलाफ आईं जबकि सरकारी बैंकों के खिलाफ केवल 3,021 शिकायतें मिलीं।

यानी, प्राइवेट बैंकों के खिलाफ शिकायतें सरकारी बैंकों के मुकाबले 10 गुना से भी ज्यादा हैं। इसकी एक बड़ी वजह यह भी है कि क्रेडिट कार्ड मार्केट में प्राइवेट बैंकों का दबदबा ज्यादा है और वे एग्रेसिव तरीके से कार्ड बेचते हैं, जिससे गलत जानकारी देकर बेचने (मिस-सेलिंग) के मामले बढ़ते हैं।

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क्रेडिट स्कोर को लेकर भी बढ़ी टेंशन

सिर्फ बैंक ही नहीं, CIBIL जैसी क्रेडिट इन्फॉर्मेशन कंपनियों के खिलाफ भी गुस्सा बढ़ा है। क्रेडिट स्कोर में गड़बड़ी या गलत डेटा की शिकायतों में पिछले तीन सालों में चार गुना बढ़ोतरी हुई है। वित्त वर्ष 2023 में जहां ऐसी सिर्फ 1,039 शिकायतें थीं जो वित्त वर्ष 2024 में बढ़कर 3,847 हो गईं और वित्त वर्ष 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 4,585 तक पहुंच गया। इनमें से 84% मामले लोन और क्रेडिट कार्ड के डेटा में गड़बड़ी से जुड़े थे, जिसकी वजह से लोगों का सिबिल स्कोर खराब हुआ। क्रेडिट इन्फॉर्मेशन कंपनियों को 1 सितंबर, 2022 से आरबीआई ओम्बड्समैन के अंतर्गत लाया गया था।

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किस तरह की होती हैं शिकायतें?

ज्यादातर ग्राहक इन वजहों से परेशान होकर RBI का दरवाजा खटखटाते हैं...

  • कार्ड पर बिना बताए चार्जेज लगाना।
  • कार्ड बंद करवाने के बाद भी बिल भेजना।
  • गलत बिलिंग या ट्रांजैक्शन डिस्प्यूट।
  • रिकवरी एजेंट्स द्वारा परेशान करना।

आप भी हैं परेशान तो यहां करें शिकायत

अगर आप भी क्रेडिट कार्ड के जाल में फंस गए हैं, तो सबसे पहले बैंक के कस्टमर केयर को लिखित में शिकायत दें। अगर 30 दिन में समाधान न मिले, तो सीधे RBI के ओम्बड्समैन पोर्टल (cms.rbi.org.in) पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। यह सेवा पूरी तरह मुफ्त है। शिकायत की पूरी प्रक्रिया जानने के लिए यहां क्लिक करें।

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