केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने वर्ष 2025 से कक्षा 10 और 12 के छात्रों को माइग्रेशन सर्टिफिकेट की हार्ड कॉपी देना बंद कर दिया है। अब छात्रों को यह प्रमाणपत्र DigiLocker (डिजीलॉकर) के माध्यम से डिजिटल रूप में मिलेगा। यह डिजिटल प्रमाणपत्र कॉलेजों और विश्वविद्यालयों द्वारा मान्य होगा।
यह बदलाव प्रशासनिक देरी को कम करने, फीस हटाने और प्रमाणपत्र वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए किया गया है। नीचे बताया गया है कि आप DigiLocker के जरिए अपना CBSE Migration Certificate कैसे डाउनलोड कर सकते हैं।
अब नहीं मिलेगी हार्ड कॉपी
अब CBSE कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों को फिजिकल कॉपी नहीं देगा। सभी प्रमाणपत्र अब सिर्फ डिजीलॉकर पर डिजिटल रूप में उपलब्ध होंगे। ऐसे में अगर स्टूडेंट्स ने अब तक डिजीलॉकर पर अपना अकाउंट नहीं बनाया है तो वो अब इसे बना लें।
DigiLocker क्या है और क्यों जरूरी है?
DigiLocker एक सरकारी डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है जहां भारतीय नागरिक अपने जरूरी डॉक्यूमेंट जैसे मार्कशीट, प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, आदि सुरक्षित रख सकते हैं और कभी भी एक्सेस कर सकते हैं।
स्टूडेंट्स को काम आएंगे ये टिप्स
- समय-समय पर चेक करें: रिजल्ट आने के बाद DigiLocker में प्रमाणपत्र अपने-आप दिखाई देगा।
- Aadhaar और मोबाइल अपडेट रखें: DigiLocker में लॉगिन इन्हीं पर निर्भर करता है।
- बैकअप रखें: हालांकि अब हार्ड कॉपी नहीं मिलेगी, लेकिन आप चाहें तो डिजिटल कॉपी अपने सिस्टम में सेव रखें।
- जरूरत पड़ने पर DADS से आवेदन करें: अगर किसी कॉलेज को पेपर कॉपी चाहिए, तो DADS के जरिए अस्थायी रूप से प्राप्त करें।
CBSE का यह फैसला शिक्षा प्रणाली को डिजिटल और सरल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अब छात्र आसानी से, जल्दी और बिना किसी शुल्क के अपना माइग्रेशन सर्टिफिकेट DigiLocker से प्राप्त कर सकते हैं। नियमित रूप से CBSE और DigiLocker की वेबसाइट पर अपडेट देखते रहें ताकि यह बदलाव आपके लिए पूरी तरह सहज हो सके।