DigiLocker से कैसे लिंक करें डीमैट और म्यूचुअल फंड एकाउंट्स? यहां जानिए सिंपल स्टेप्स

क्लाउड-आधारित डिजिटल वॉलेट होने के नाते DigiLocker वित्तीय और अन्य दस्तावेज़ों के डिजिटल संस्करण को सुरक्षित रूप से रखता है। अब निवेशक अपने डीमैट और म्यूचुअल फंड खातों को भी इससे जोड़ सकते हैं।

Manali Rastogi
पब्लिश्ड12 Oct 2025, 07:51 AM IST
DigiLocker से कैसे लिंक करें डीमैट और म्यूचुअल फंड एकाउंट्स? यहां जानिए सिंपल स्टेप्स
DigiLocker से कैसे लिंक करें डीमैट और म्यूचुअल फंड एकाउंट्स? यहां जानिए सिंपल स्टेप्स

डिजिलॉकर एक क्लाउड-बेस्ड डिजिटल वॉलेट है, जिसे इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा विकसित और संचालित किया गया है। यह आपको आपके महत्वपूर्ण दस्तावेजों के डिजिटल संस्करण उपलब्ध कराता है, जैसे:

  • ड्राइविंग लाइसेंस
  • वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र (RC)
  • बैंक खाता विवरण
  • बीमा पॉलिसी
  • शैक्षणिक मार्कशीट आदि।

डिजिलॉकर में रखे दस्तावेज कानूनी रूप से मूल दस्तावेजों के बराबर माने जाते हैं।

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जानिए एकाउंट्स को डिजिलॉकर से लिंक करने के सिंपल स्टेप्स

  • डिजिलॉकर की वेबसाइट या ऐप पर जाएं। मोबाइल नंबर या आधार से साइन अप करें और OTP से वेरिफिकेशन पूरा करें।
  • ‘Profile’ सेक्शन में जाएं और अपना PAN नंबर लिंक करें ताकि आप अपने वित्तीय दस्तावेज़ों तक पहुंच सकें।
  • होमपेज पर “Search Documents” पर क्लिक करें। वहां “NSDL”, “CDSL” या “CAMS/KFinTech” (म्यूचुअल फंड के लिए) सर्च करें। फिर “Demat Holdings Statement” या “Mutual Fund Statement (CAS)” जैसे विकल्प चुनें।
  • जारी करने वाली संस्था चुनें और आवश्यक विवरण जैसे PAN, जन्म तिथि या क्लाइंट ID भरें। वेरिफिकेशन पूरा होते ही आपके दस्तावेज़ अपने आप डिजिलॉकर में सेव हो जाएंगे।
  • Nominee या Sharing Settings में जाएं। किसी भरोसेमंद व्यक्ति का ईमेल या मोबाइल नंबर जोड़ें। आपकी मृत्यु की स्थिति में वही व्यक्ति आपके वित्तीय दस्तावेज़ों तक पहुंच पाएगा।

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नामांकित व्यक्ति को क्या करना चाहिए?

  • डिजिलॉकर का संबंध Registrar General of India’s Civil Registration System (CRS) से है, जो जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करता है।
  • अगर मृत्यु प्रमाणपत्र में आधार नंबर दिया गया है, तो सिस्टम अपने आप व्यक्ति की स्थिति “deceased” (मृत) के रूप में अपडेट कर देता है।
  • यदि आधार नंबर नहीं जोड़ा गया, तो डिजिलॉकर यह अपडेट नहीं कर पाएगा। इस स्थिति में KYC Registration Agencies (KRAs) से मिली जानकारी का उपयोग वैकल्पिक रूप से किया जा सकता है।

अगर कोई परिवार का सदस्य, नामांकित व्यक्ति, संयुक्त खाता धारक या कानूनी उत्तराधिकारी किसी सेबी-पंजीकृत संस्था को सत्यापित मृत्यु प्रमाणपत्र देता है, तो मृत्यु की जानकारी KRA सिस्टम में दर्ज की जाती है।

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इसके बाद सभी संबंधित वित्तीय संस्थाओं को इसकी सूचना दी जाती है। वे संस्थाएं मृतक के खातों को फ्रीज कर देती हैं और सूचना देने वाले व्यक्ति को संपत्ति दावा या ट्रांसफर की प्रक्रिया के बारे में बताती हैं।

ऐसे में नामांकित व्यक्ति डिजिलॉकर में लॉग इन करके निवेशक के दस्तावेज़ “read-only” मोड में देख सकते हैं, यानी वे दस्तावेज देख तो सकते हैं, पर उनमें कोई बदलाव नहीं कर सकते।

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