
अगर आप एक प्रोफेशनल हैं और बेहतर सैलरी और मौकों की तलाश में हाल ही में नौकरी बदली है, तो पीएफ अकाउंट मर्ज करना एक जरूरी सवाल बन जाता है। नौकरी बदलने पर आपके पुराने यूएएन नंबर से नया ईपीएफओ अकाउंट बन जाता है, लेकिन पुराने अकाउंट की राशि अपने-आप नए अकाउंट में ट्रांसफर नहीं होती। इस सुविधा का लाभ लेने के लिए पुराने और नए पीएफ अकाउंट को मर्ज करना जरूरी होता है। इस लेख में हम बताएंगे कि पीएफ अकाउंट को आसानी से कैसे मर्ज किया जा सकता है।
ईपीएफओ (EPFO) की वेबसाइट पर उपलब्ध हैंडबुक के अनुसार, अगर किसी कर्मचारी को दो UAN (यूनिवर्सल अकाउंट नंबर) मिल गए हैं, तो उसे अपने आखिरी नियोक्ता से जुड़ा नया UAN चालू रखना चाहिए और पहले रोजगार से जुड़ा पुराना UAN मर्ज कराना चाहिए। इसके लिए यूनिफाइड मेंबर पोर्टल पर ऑनलाइन फॉर्म-13 भरकर PF बैलेंस को नए UAN में ट्रांसफर करना होता है।
ट्रांसफर से पहले नए/एक्टिव UAN पर KYC अपडेट होना जरूरी है। साथ ही, पुराने और नए दोनों UAN का जिक्र करते हुए अपने पुराने नियोक्ताओं और EPFO को uanepf@epfindia.gov.in पर ईमेल करने की सलाह दी जाती है। जांच के बाद पुराना UAN बंद कर दिया जाएगा और नया UAN एक्टिव रहेगा।
PF निकासी के नियम के अनुसार, यदि कोई कर्मचारी लगातार दो महीने तक EPF कवर वाले किसी संस्थान में काम नहीं कर रहा है, तो वह PF निकालने के लिए पात्र होता है। चूंकि आप अभी ऐसी संस्था में काम कर रहे हैं जहां EPF सुविधा नहीं है, इसलिए आप पिछली नौकरी छोड़े हुए दो महीने पूरे होने के बाद अपने पुराने PF खाते से निकासी के लिए आवेदन कर सकते हैं।
PF निकासी पर टैक्स के बारे में आयकर अधिनियम, 1961 के अनुसार, यदि कर्मचारी ने लगातार 5 साल या उससे अधिक सेवा पूरी की है, तो PF निकासी टैक्स-फ्री होती है। यदि कर्मचारी नौकरी बदलते समय पुराने PF को नए PF खाते में ट्रांसफर कर देता है, तो पहले और बाद की नौकरी की अवधि को मिलाकर 5 साल की गणना की जाती है।
इस मामले में, यदि आप पहले PF खाते से सीधे निकासी करते हैं और बैलेंस दूसरे खाते में ट्रांसफर नहीं करते, तो अगर पहली नौकरी की अवधि 5 साल से कम है, तो यह राशि टैक्स योग्य हो सकती है। लेकिन यदि आप पहले खाते का PF दूसरे खाते में ट्रांसफर कर देते हैं और बाद में दूसरे खाते से निकासी करते हैं, तो दोनों नौकरियों की कुल सेवा अवधि गिनी जाएगी। चूंकि कुल अवधि 5 साल से अधिक है, इसलिए ऐसी निकासी टैक्स-फ्री मानी जाएगी। हालांकि, ध्यान रखें कि जिस अवधि में PF में योगदान नहीं हुआ, उस दौरान मिला ब्याज टैक्स योग्य रहेगा।
(डिस्क्लेमर: ये सलाह सामान्य जानकारी के लिए दी गई है। कोई फैसला लेने से पहले विशेषज्ञ से बात करें। मिंट हिंदी किसी भी परिणाम के लिए जिम्मेदार नहीं है।)
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