UPI से पैसे भेजना बहुत तेज़ और आसान होता है। लेकिन अगर एक छोटी-सी गलती हो जाए, जैसे गलत UPI ID डाल देना या गलत नाम पर टैप हो जाना, तो पैसे गलत व्यक्ति के पास चले जाते हैं। ऐसे में घबराना स्वाभाविक है। अच्छी बात यह है कि अगर आप समय पर सही कदम उठाएं, तो पैसे वापस मिलने की संभावना रहती है।
UPI ट्रांजैक्शन तुरंत हो जाता है, लेकिन हर लेनदेन का एक यूनिक ट्रांजैक्शन ID (UTR) होता है, जिससे बैंक पैसे को ट्रैक कर सकते हैं। सबसे जरूरी बात है गलती होते ही तुरंत शिकायत करना।
स्टेप 1: ट्रांजैक्शन की जानकारी ध्यान से जांचें
अपने UPI ऐप में जाकर ये बातें कन्फर्म करें:
*ट्रांजैक्शन का स्क्रीनशॉट
आपका बैंक सामने वाले बैंक से संपर्क कर पैसे वापस करने का अनुरोध करेगा। ध्यान रखें, बैंक बिना रिसीवर की अनुमति उसके खाते से पैसे नहीं काट सकता, लेकिन कई मामलों में रिसीवर सहमत हो जाता है।
स्टेप 4: रिसीवर से खुद संपर्क करने की कोशिश करें
कभी-कभी UPI ऐप में रिसीवर का नाम या आंशिक नंबर दिखता है। अगर संभव हो, तो उनसे विनम्रता से पैसे लौटाने का अनुरोध करें। कई बार इसी तरह पैसे जल्दी वापस मिल जाते हैं।
- बैंक के ग्रिवांस सेल में शिकायत करें
- NPCI (UPI की संस्था) के पास शिकायत दर्ज करें
- बैंक समय पर कार्रवाई न करे तो RBI बैंकिंग लोकपाल (Ombudsman) में शिकायत करें
पैसे वापस मिलने में कितना समय लगता है?
कोई तय समय सीमा नहीं होती:
- अगर रिसीवर सहयोग करे: कुछ दिन
- शिकायत आगे बढ़े तो: 2 से 4 हफ्ते या उससे ज्यादा
- जितनी जल्दी शिकायत करेंगे, उतनी संभावना बढ़ेगी।
जरूरी बातें जान लें
- UPI ट्रांजैक्शन अपने-आप रिवर्स नहीं होता
- बैंक सिर्फ रिक्वेस्ट कर सकता है, ज़बरदस्ती पैसे नहीं ले सकता
- पैसा लौटना ज़्यादातर रिसीवर की सहमति पर निर्भर करता है
- फ्रॉड या स्कैम के मामले अलग प्रक्रिया से चलते हैं
गलत UPI ID पर पैसे भेजने से कैसे बचें?
- स्क्रीन पर दिख रहा रिसीवर का नाम ध्यान से देखें
- नए UPI ID पर पहले ₹1 भेजकर जांच लें
- मैन्युअल टाइपिंग से बचें, QR कोड का इस्तेमाल करें
- UPI PIN डालने से पहले एक बार फिर सब कुछ जांच लें
(डिस्क्लेमर: ये सलाह सामान्य जानकारी के लिए दी गई है। कोई फैसला लेने से पहले विशेषज्ञ से बात करें। मिंट हिंदी किसी भी परिणाम के लिए जिम्मेदार नहीं है।)