HRA Rules: मेट्रो शहरों की तरह इन शहरों में किराए में होगी बंपर बचत, केंद्र सरकार का है मेगा प्लान

New Income Tax Act: केंद्र सरकार पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत 50% हाउस रेंट अलाउंस (HRA) का दायरा बढ़ाने की तैयारी कर रही है। अभी तक यह छूट दिल्ली मुंबई जैसे मेट्रो शहरों में मिलती है। अब यह छूट पुणे, अहमदाबाद और हैदराबाद में भी यह छूट लागू होने वाली है।

Jitendra Singh
अपडेटेड9 Feb 2026, 02:55 PM IST
New Income Tax Act: सरकार HRA से जुड़े नियमों को बदलाव करने की तैयारी में है।
New Income Tax Act: सरकार HRA से जुड़े नियमों को बदलाव करने की तैयारी में है।

HRA Rules: सरकार ने जब से नई टैक्स रिजीम शुरू की है, पुरानी टैक्स रिजीम में लोगों की दिलचस्पी कम हुई है। लेकिन अब सरकार ने ओल्ड टैक्स रिजीम को एक नई ऑक्सीजन देने की तैयारी कर ली है। अगर ऐसा हुआ तो नौकरी करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है। अब तक हाउस रेंट अलाउंस (HRA) पर ज्यादा टैक्स छूट का लाभ सिर्फ चार मेट्रो सिटी तक सीमित था, लेकिन अब इस दायरे को बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। यह कदम उन लाखों कर्मचारियों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है, जो बढ़ते किराए और महंगाई के बीच अपनी बचत बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।

सरकार भले ही ‘नई टैक्स रिजीम’ को बढ़ावा दे रही हो, लेकिन ओल्ड टैक्स रिजीम (Old Tax Regime) में फिर से नई जान फूंकने की कोशिश नजर आ रही है। एचआरए के लिए मेट्रो लिस्ट में विस्‍तार और शिक्षा और हॉस्‍टल भत्‍तों में बढोतरी का प्रस्‍ताव रखा गया है इससे इस बात के सबूत मिलते हैं कि अभी ओल्‍ड टैक्‍स रीजीम का वजूद खत्‍म होने वाला नही है।

जानिए क्या है सरकार का प्रस्ताव

अब तक के नियमों के मुताबिक, अगर आप मुंबई, दिल्ली, कोलकाता या चेन्नई में रहते हैं, तो आपको पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) के तहत अपनी सैलरी के 50% तक HRA क्लेम करने की छूट मिलती है। वहीं, बाकी शहरों में रहने वाले कर्मचारियों के लिए यह सीमा 40% है। लेकिन अब हालात बदलने वाले हैं। ड्राफ्ट नियमों में बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद को भी 50% छूट वाली श्रेणी में शामिल करने का प्रस्ताव है। इन आईटी और आर्थिक केंद्रों में रहने वाले लाखों प्रोफेशनल लोग अब अधिक टैक्स छूट का लाभ उठा सकेंगे। यह बदलाव बदलती शहरी आबादी और इन शहरों में बढ़ते किराये की हकीकत को स्वीकार करता है।

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आखिर क्यों हो रहा है बदलाव

इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह इन शहरों की बदलती तस्वीर है। पिछले एक दशक में बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे जैसे शहर सिर्फ नाम के लिए ‘नॉन-मेट्रो’ रह गए थे, जबकि हकीकत में यहां का खर्च और रहन-सहन किसी भी महानगर से कम नहीं है। ये शहर अब देश के बड़े टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस हब बन चुके हैं।

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रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ-साथ यहाँ रिहायशी इलाकों में किराए आसमान छूने लगे हैं। ऐसे में 40% की पुरानी सीमा इन शहरों में रहने वाले कर्मचारियों के लिए नाकाफी साबित हो रही थी। सरकार का यह कदम शहरी जनसांख्यिकी (Urban Demographics) में आए बदलाव और आर्थिक हब बन रहे इन शहरों की जमीनी हकीकत को स्वीकार करने जैसा है।

इन शहरों में HRA में मिलेगा 50% छूट

बदलाव लागू होने के बाद, इन शहरों में टैक्स देने वाले निवासी पुराने टैक्स सिस्टम के तहत 50% HRA छूट का दावा कर पाएंगे। इसमें अहमदाबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली, हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई और पुणे शहर शामिल है।

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