National Consumer Helpline: डिजिटल क्रांति ने देश में उपभोक्ताओं की शिकायतों को सुलझाने का तरीका पूरी तरह बदल दिया है। अब ग्राहकों को अपने हक के लिए अदालतों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ रही है। नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन एक ऐसे मजबूत प्लेटफॉर्म के रूप में उभरी है, जहां शिकायतों का तेजी से निपटारा हो रहा है। इसके जरिए हजारों लोगों को उनका फंसा हुआ पैसा वापस मिल रहा है।
ग्राहकों को वापस मिले करोड़ों रुपये
उपभोक्ता मामलों के विभाग ने 'डिजिटल न्याय के जरिए तेज और प्रभावी निपटान' विषय पर एक खास कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें बताया गया कि नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन ने अप्रैल से दिसंबर 2025 के दौरान बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस अवधि में हेल्पलाइन ने 30 अलग-अलग क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को कुल 42.6 करोड़ रुपये का रिफंड वापस दिलाया है।
हजारों शिकायतों का हुआ समाधान
केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी ने इस सफलता के आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि हेल्पलाइन की मदद से रिफंड से जुड़ी 63,800 से ज्यादा शिकायतों को सफलतापूर्वक सुलझाया गया है। यह हेल्पलाइन अब उपभोक्ताओं के लिए शिकायत दर्ज करने और उसका समाधान पाने का सबसे प्रमुख जरिया बन गई है। डिजिटल सिस्टम की वजह से इन मामलों को कोर्ट तक ले जाने की नौबत ही नहीं आई।
टेक्नोलॉजी से न्याय हुआ और भी आसान
सरकार उपभोक्ता न्याय प्रणाली को अधिक पारदर्शी और तेज बनाने के लिए टेक्नोलॉजी का भरपूर इस्तेमाल कर रही है। केंद्रीय मंत्री के अनुसार, साल 2025 में अब तक 1.4 लाख से ज्यादा उपभोक्ता मामलों का निपटारा किया जा चुका है। खास बात यह है कि 90,000 से अधिक मामलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई। इससे उपभोक्ताओं का समय बचा और उन्हें घर बैठे ही न्याय मिल गया।