Income Tax Bill 2025: नया इनकम टैक्स बिल लोकसभा और राज्य सभा दोनों जगह से पास हो गया है। अब राष्ट्रपति की मंजूरी मिलना बाकी है। यह नया बिल पेंशनर्स के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। अन्य टैक्सपेयर्स को भी बड़ी राहत दी गई है। नए बिल में साफ तौर पर कहा गया है कि अगर पेंशन किसी मान्यता प्राप्त पेंशन फंड से मिल रही है, तो पूरी कम्यूटेड पेंशन की रकम पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।
फाइनेंशियल एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक, पहले यह छूट सिर्फ कुछ खास कैटेगरी के कर्मचारियों को ही मिलती थी, जबकि ऐसे भी बहुत लोग हैं जो सरकारी कर्मचारी नहीं हैं, लेकिन स्वेच्छा से मान्यता प्राप्त पेंशन फंड में निवेश करते हैं। अब नए बिल ने यह फर्क खत्म कर दिया है और सभी योग्य पेंशनर्स को बराबर टैक्स राहत देने का रास्ता साफ कर दिया है। अब सरकारी और प्राइवेट दोनों सेक्टर के कर्मचारी इसका फायदा उठा सकते हैं।
जानिए कम्यूटेड पेंशन क्या है?
कम्यूटेड पेंशन का मतलब है, मासिक पेंशन की किस्तें लेने की बजाय एक साथ यानी लंप सम रकम लेना है। एक पेंशनर को रिटायरमेंट के हर महीने पेंशन मिलती है। अगर वह अपनी आने वाली 10 साल की पेंशन एक साथ लेना चाहता है, तो इसे कम्यूटेड पेंशन कहते हैं। इससे पेंशनर को एक बार में बड़ी रकम मिल जाती है, जिसे वह अपनी जरूरतों या निवेश में इस्तेमाल कर सकते हैं।
किसे मिलेगा फायदा?
सभी सरकारी कर्मचारी, जिनमें रक्षा कर्मी और पब्लिक सेक्टर कंपनियों के कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा निजी क्षेत्र के वे कर्मचारी, जिनके नियोक्ता पेंशन योजना नहीं चलाते लेकिन उन्होंने खुद स्वीकृत पेंशन फंड में योगदान दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, बिल के पिछले एडिशन में कम्यूटेड पेंशन पर टैक्स छूट को लेकर स्थिति साफ नहीं थी।
लोकसभा की सेलेक्ट कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि कमेटी ने क्लॉज 19 की बारीकी से समीक्षा के बाद पाया कि अलग-अलग तरह के लाभार्थियों के लिए कम्यूटेड पेंशन पर टैक्स के मामले में समानता की कमी है। इसके बाद इसे सबके लिए एक समान कर दिया गया।
कौन-सी पेंशन स्कीमें होंगी पात्र?
आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 10(10A) और धारा 10(23AAB) के तहत स्वीकृत पेंशन फंड, जैसे LIC पेंशन फंड और सरकार द्वारा अधिसूचित अन्य फंड, इस टैक्स छूट के दायरे में आएंगे।