Income Tax Department: इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने टैक्सपेयर्स को SMS और ईमेल भेजना शुरू कर दिया है। यह एक ‘टैक्सपेयर-फ्रेंडली’ कदम है, जिसके तहत लोगों से कहा जा रहा है कि वे अपने इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) अपडेट करें। अगर कोई गलत क्लेम किया गया है तो उसे खुद ही वापस ले लें। वित्त मंत्रालय ने इस मामले में नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। यह नोटिस इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की उन बिचौलियों पर कार्रवाई के बाद आया है, जिन्होंने रजिस्टर्ड गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों या चैरिटेबल संगठनों को डोनेशन से संबंधित धोखाधड़ी वाले क्लेम फाइल किए थे, जिससे उनकी टैक्स देनदारी कम हो गई थी।
ये फर्जी क्लेम मुख्य रूप से रजिस्टर्ड लेकिन अनरिकग्नाइज्ड पॉलिटिकल पार्टियों (RUPP) या चैरिटेबल संस्थाओं को दिए गए डोनेशन से जुड़े थे, जिनके जरिए टैक्स कम किया गया और कुछ मामलों में फर्जी रिफंड भी लिया गया। कुल मिलाकर विभाग ने अब ऐसे टैक्सपेयर्स को गलती सुधारने का मौका दिया है, जिन्होंने ऐसे फर्जी क्लेम किए हैं। ऐसा नहीं करने पर टैक्सपेयर्स के खिलाफ एक्शन भी लिया जा सकता है।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने शुरू किया कैंपेन
वित्त मंत्रालय ने जारी किए गए नोटिस में कहा है कि एक टारगेटेड ‘नज’ (NUDGE) कैंपेन शुरू किया गया है। इसके तहत टैक्सपेयर्स को अपने ITR अपडेट करने और अगर कोई गलत क्लेम हो तो उसे हटाने का मौका दिया जा रहा है। ऐसे टैक्सपेयर्स को 12 दिसंबर 2025 से उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ईमेल ID पर SMS और ईमेल एडवाइजरी भेजी जा रही है।
मंत्रालय ने बताया कि यह देखा गया है कि बड़ी मात्रा में फर्जी क्लेम रजिस्टर्ड अनरिकग्नाइज्ड पॉलिटिकल पार्टियों (RUPP) या चैरिटेबल संस्थाओं को डोनेशन के नाम पर किए गए, जिससे टैक्स देनदारी कम कर दी गई और फर्जी रिफंड भी क्लेम किए गए।
टैक्सपेयर्स ने संदिग्ध संस्थानों को किया दान
डेटा विश्लेषण से पता चला कि कई टैक्सपेयर्स ने या तो संदिग्ध संस्थाओं को दान दिया था या फिर प्राप्तकर्ता संगठनों की प्रामाणिकता स्थापित करने के लिए पर्याप्त जानकारी नहीं दे सके। इसके जवाब में, बड़ी संख्या में टैक्सपेयर्स ने मौजूदा असेसमेंट ईयर (AY 2025-26) के लिए अपने रिटर्न को संशोधित किया है और पिछले वर्षों के लिए अपडेटेड रिटर्न भी फाइल किए हैं, जिसमें उन्होंने स्वेच्छा से गलत दावों को वापस ले लिया है।
हो सकती है कार्रवाई
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट लगातार अपनी तकनीक को बेहतर बना रहा है, ताकि ऐसे फर्जीवाड़े को पकड़ा जा सके। यह नज कैंपेन उन लोगों के लिए एक मौका है जिन्होंने अनजाने में या जानबूझकर गलतियां की हैं। विभाग चाहता है कि लोग खुद ही अपनी गलतियों को सुधार लें। अगर कोई व्यक्ति इस मौके का फायदा नहीं उठाता है, तो विभाग आगे कार्रवाई कर सकता है।