Income Tax Meal Voucher Limit: सरकार ने नया फाइनेंशियल ईयर 2026-27 शुरू होने के साथ ही टैक्स नियमों में कई सारे बदलाव लागू कर दिए हैं। इसी क्रम में नौकरीपेशा वर्ग के लिए बड़ी राहत दी गई है। दरअसल, सरकार ने भोजन पर मिलने वाले टैक्स-फ्री बेनिफिट को चार गुना बढ़ा दिया है, जिससे अब महीने के आखिर में ज्यादा रकम बच पाएगी। पहले न्यू टैक्स रिजीम (New Tax Regime) चुनने वाले कर्मचारियों को कई तरह की छूट नहीं मिल पाती थी। लेकिन 1 अप्रैल 2026 से लागू नए नियमों के बाद सभी को यह लाभ मिल सकेगा। अब चाहे आपने पुराना टैक्स स्लैब चुना हो या नया, 200 रुपये प्रति मील की इस छूट का फायदा आपको मिलेगा।
चार गुना बढ़ गया मील बाउचर
सरकार ने मील वाउचर की टैक्स-फ्री लिमिट को 50 रुपये से बढ़ाकर सीधे 200 रुपये कर दिया है। इसे परक्विजिट यानी अनुलाभ की श्रेणी में रखा गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि आपकी कुल सैलरी में से इस रकम को टैक्स लगने से पहले ही बाहर कर दिया जाएगा। अगर एक कर्मचारी दिन में दो बार के भोजन का हिसाब जोड़े, तो 400 रुपये प्रतिदिन की राशि पर उसे कोई टैक्स नहीं देना होगा, जो महीने में लगभग 12000 रुपये की बचत है।
फायदा उठाने के लिए इन शर्तों का पालन करना जरूरी
हालांकि, इस सरकारी छूट का फायदा उठाने के लिए 'रूल 15' की कुछ खास शर्तों का पालन करना जरूरी है।
1.सबसे पहली शर्त यह है कि यह लाभ केवल वर्किंग डेज पर ही मिलेगा। छुट्टियों या वीकेंड पर किए गए खर्च को इसमें शामिल नहीं किया जा सकता।
2. दूसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि इन मील कार्ड्स (जैसे प्लक्सी, सोडेक्सो या जैगल) का इस्तेमाल केवल तैयार भोजन और गैर-मादक पेय पदार्थों के लिए ही किया जा सकता है।
3.आप इससे राशन या किराना नहीं खरीद सकते।
4. साथ ही, यह सुविधा कंपनी की ओर से ऑफिशियल सैलरी पैकेज का हिस्सा होनी चाहिए।
5.अगर आप 200 रुपये की तय सीमा से ज्यादा खर्च करते हैं, तो अतिरिक्त रकम को आपकी टैक्सेबल इनकम में जोड़ दिया जाएगा।
क्यों लाया गया ये नियम?
बता दें कि इन नियमों को सरकार ने 20 मार्च 2026 को अधिसूचित किया है। सरकार का यह कदम मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति बढ़ाने और सैलरी स्ट्रक्चर को अधिक लचीला बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। अब कर्मचारियों के लिए यह जरूरी है कि वे अपने एचआर विभाग से संपर्क कर अपने सैलरी स्ट्रक्चर को इन नए प्रावधानों के अनुरूप अपडेट करवा लें।