New Draft Income-Tax Rules: सरकार ने इनकम टैक्स नियम 2026 का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। इसमें कई महत्वपूर्ण बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं। इन नए नियमों का मकसद सादगी और टैक्स कंप्लायंस में सुधार करना बताया जा रहा है। खासकर बैंक ट्रांजैक्शन, वाहन खरीद, होटल और रेस्टोरेंट बिल, प्रॉपर्टी खरीद जैसी वित्तीय गतिविधियों में पैन कार्ड से जुड़े नियमों में बदलाव किया गया है। अब 10 लाख रुपये तक बैंक में जमा करने पर पैन की अनिवार्यता खत्म हो जाएगी।
इन प्रस्तावित नियमों पर जनता से 22 फरवरी, 2026 तक प्रतिक्रिया मांगी गई है। सरकार का मानना है कि कम जोखिम वाले और कम मूल्य के लेनदेन के लिए पैन की अनिवार्यता को हटाकर अनुपालन के बोझ को कम किया जा सकता है।
10 लाख रुपये जमा करने पर पैन जरूरी नहीं
प्रस्तावित नियमों के मुताबिक, अब एक फाइनेंशियल ईयर में ₹10 लाख या उससे ज्यादा कैश जमा करने या निकालने पर ही पैन नंबर देना अनिवार्य होगा। यानी 10 लाख रुपये तक आप बैंक में पैसे जमा कर रहे हैं तो पैन की जरूरत नहीं है। यह नियम एक फाइनेंशियल ईयर में लागू होगा। मौजूदा समय में बैंकिंग कंपनी या को-ऑपरेटिव बैंक में एक दिन में ₹50,000 से ज्यादा कैश जमा करने पर पैन कार्ड देना जरूरी होता है। सरकार के इस कदम से छोटे व्यापारियों और आम लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है।
क्या है बदलाव का मकसद?
इस बदलाव का मुख्य कारण कम्प्लायंस के बोझ को कम करना है। पहले, कम मूल्य के लेनदेन के लिए भी पैन कोट करना जरूरी था। मसलन, 5 लाख रुपये से कम मूल्य के पुराने वाहन या मोटरसाइकिल की खरीद, मामूली नकद जमा या रोजमर्रा के ऊंचे-फ्रीक्वेंसी वाले पेमेंट के लिए इसकी जरूरत होती थी। इस बदलाव का मकसद कम जोखिम वाले, कम मूल्य के लेनदेन के लिए पैन की जरूरतों को हटाना है।
क्रिप्टो एक्सचेंज को करना होगा ये काम
क्रिप्टो एक्सचेंज को अब इनकम टैक्स विभाग के साथ जानकारी शेयर करना जरूरी होगा। डिजिटल करेंसी को भी अब इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट के रूप में स्वीकार किया गया है।
कब से लागू होगा नया एक्ट?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट 2026 के ऐलान के बाद CBDT ने इन नियमों पर जनता और स्टेकहोल्डर्स से सुझाव मांगे हैं। मार्च के पहले हफ्ते तक इन सुझावों के आधार पर नियमों को फाइनल कर दिया जाएगा। इसके बाद 1 अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स एक्ट और ये सभी नए नियम पूरे देश में लागू हो जाएंगे।