
Income Tax Refund Delay: इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख बीते लगभग 5 महीने बीत गए हैं। लेकिन अभी भी बहुत सारे लोगों को रिफंड नहीं मिला है। बहुत सारे टैक्सपेयर्स सोशल मीडिया पर अपनी-अपनी शिकायतें पोस्ट कर रहे हैं। अगर आप भी उन्हीं लोगों में से एक हैं तो यह खबर आपके लिए है। दरअसल, इस बार इनकम टैक्स डिपॉर्टमेंट ने अपनी जांच की प्रक्रिया को बेहद सख्त कर दिया है। विभाग न केवल रिटर्न की बारीकी से जांच कर रहा है, बल्कि छोटी सी चूक पाए जाने पर भी टैक्सपेयर्स को नोटिस थमाए जा रहे हैं।
इनकम टैक्स रिफंड में देरी होने के पीछे कोई एक वजह नहीं है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि रिटर्न फाइल करना और उसका प्रोसेस होना, दो अलग बातें हैं। अक्सर टैक्सपेयर्स रिटर्न फाइल करने के बाद निश्चिंत हो जाते हैं, लेकिन विभाग उसे तब तक स्वीकार नहीं करता जब तक उसकी पूरी जांच न हो जाए। यदि आपकी तरफ से दी गई जानकारी और विभाग के रिकॉर्ड में थोड़ा भी अंतर पाया जाता है, तो रिफंड की प्रक्रिया वहीं रुक जाती है।
इस साल इनकम टैक्स डिपॉर्टमेंट उन मामलों पर विशेष ध्यान दे रहा है, जहां टैक्सपेयर्स की इनकम और उनके इन्वेस्टमेंट डेटा मैच नहीं हो रहे हैं। आपके तरफ से भरी गई जानकारी का मिलान फॉर्म 26AS, एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) और टैक्सपेयर इंफॉर्मेशन समरी (TIS) से किया जाता है। अगर इन दस्तावेजों में दिखाई गई आय और आपके ITR में दिखाई गई आय से अलग है, तो विभाग इसे 'मिसमैच' मानकर आपकी फाइल को रोक देता है। यही कारण है कि इस बार रिफंड आने में सामान्य से ज्यादा समय लग रहा है।
इसके अलावा, आयकर रिफंड नहीं मिलने का एक बेहद सामान्य कारण ई-वेरिफिकेशन कमी भी है। कई बार लोग इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) तो फाइल कर देते हैं, लेकिन उसे वेरिफाई करना भूल जाते है। आयकर नियमों के अनुसार, बिना वेरिफिकेशन वाले रिटर्न अवैध माने जाते हैं। आईटीआर ई-वेरिफिकेशन को आधार ओटीपी, नेट बैंकिंग या ईवीसी (EVC) के जरिए आसानी से किया जा सकता है।
वहीं, कई मामलों में टैक्सपेयर्स के बैंक अकाउंट की जानकारी गलत पाई जाती है। अगर आपका बैंक अकाउंट वैलिडेट नहीं है या उसमें नाम और पैन की डिटेल मैच नहीं खाती है, तो विभाग पैसा रोक देता है। साथ ही, अगर पिछले किसी साल का टैक्स बकाया है, तो विभाग उस राशि को मौजूदा रिफंड से एडजस्ट करने के लिए धारा 143(1) के तहत नोटिस जारी कर देता है, जिससे प्रक्रिया लंबी हो जाती है।
Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.