Income Tax Form Update: आज यानी 1 अप्रैल 2026 से नया वित्तीय वर्ष शुरू हो गया है। नया फाइनेंशियल ईयर शुरू होने से पहले आयकर विभाग ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए सभी इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फॉर्म्स को नोटिफाई कर दिया है। यानी अब बिना किसी देरी के बिजनेसमैन, सैलरीड पर्सन और अन्य संस्थाएं फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए अपना इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। आयकर विभाग की तरफ से जल्दी इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म्स नोटिफाई करने से करदाताओं को जरूरी दस्तावेज जुटाने का पर्याप्त समय मिलेगा, जिससे वे समय से अपना रिटर्न दाखिल कर सकेंगे।
इन ITR Forms को मिली मंजूरी
इनकम टैक्स विभाग ने छोटे और मिडिल क्लास टैक्सपेयर्स को राहत देते हुए ITR-1 और ITR-4 को 30 मार्च को ही नोटिफाई कर दिया गया था। इसके एक दिन बाद, 31 मार्च को बाकी बचे हुए फॉर्म्स-ITR 2,ITR 3,ITR 5,ITR 6,ITR 7 और ITR-U भी जारी कर दिए। सरकार ने फाइलिंग प्रक्रिया को आसान बनाने और आखिरी समय में होने वाली तकनीकी दिक्कतों को कम करने के लिए सक्रियता दिखाई है।
ITR 2026 दाखिल करने की क्या है अंतिम तारीख?
इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स और नॉन-ऑडिट वाले अकाउंट्स के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 तय की गई है। बता दें कि आज दशकों पुराना इनकम टैक्स एक्ट, 1961 समाप्त हो गया है। इसकी जगह पर सरकार इनकम टैक्स एक्ट, 2025 लेकर आई है, जो आज यानी 1 अप्रैल 2026 से लागू हो गया है। लेकिन, करदाताओं को यह समझना जरूरी है कि नया आयकर एक्ट इस बार की फाइलिंग पर लागू नहीं होंगे। इसका असर अगले साल जून 2027 से देखने को मिलेगा। ऐसे में इस बार इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने के लिए मौजूदा नियमों का ही पालन करें।
कौन भर सकता है ITR-1 और ITR-4 ?
गौरतलब है कि इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म्स चुनते समय अक्सर लोग गलती कर देते हैं, जिससे उनका रिटर्न रद्द हो जाता है। ऐसे में आयकर रिटर्न दाखिल करने से पहले इसे अच्छे से समझ लें। ITR-1 (सहज) उन टैक्सपेयर्स के लिए है, जिनकी सालाना कमाई 50 लाख रुपये तक है या उससे कम है और वे नौकरीपेशा हैं। इसके साथ ही, उनके पास एक घर, ब्याज या कृषि से 5000 तक की आय होनी चाहिए। वहीं, ITR-4 (सुगम) उन लोगों, हिंदू अविभाजित परिवारों (HUFs) और फर्मों के लिए है, जिनकी कमाई 50 लाख रुपये तक है और वे बिजनेस या प्रोफेशन से कमाई करते हैं।