ITR Processing Deadline: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने के बाद टैक्सपेयर्स को रिटर्न प्रोसेस होने और रिफंड का सबसे ज्यादा इंतजार रहता है। इसी क्रम में साल 2025 में टैक्स भरने वालों के लिए एक बेहद जरूरी डेडलाइन है। नियम के मुताबिक, अगर आपने अपना रिटर्न समय पर या विलंबित (Belated) डेडलाइन यानी 31 दिसंबर 2025 तक भर दिया है और विभाग एक निश्चित अवधि के भीतर इसे प्रोसेस नहीं करता है, तो वह कानूनी रूप से उस रिटर्न पर अपना अधिकार खो सकता है।
रिटर्न प्रोसेस करने के लिए CPI के पास कितना होता है समय?
दरअसल, इनकम टैक्स विभाग के सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर (CPC) के पास आपके रिटर्न को प्रोसेस करने के लिए एक सीमित समय होता है। तकनीकी रूप से, जिस वित्तीय वर्ष में आपने अपना रिटर्न दाखिल किया है, उसके खत्म होने के 9 महीने के भीतर विभाग को अपनी कार्यवाही पूरी करनी होती है। उदाहरण के लिए: अगर आपने 16 सितंबर 2025 को अपना रिटर्न भरा है, तो वित्त वर्ष 2025-26 के अंत (31 मार्च 2026) से अगले 9 महीने गिनने पर 31 दिसंबर 2026 की तारीख निकलकर आती है। इस तारीख के बाद विभाग के पास उस विशेष रिटर्न को प्रोसेस करने का कोई वैधानिक अधिकार नहीं रह जाता।
प्रोसेस नहीं होने पर क्या होगा?
टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि रिटर्न दाखिल करना प्रक्रिया का केवल आधा हिस्सा है। इसके बाद विभाग सेक्शन 143(1) के तहत रिटर्न की जांच करता है। इसमें क्लेम वेरिफिकेशन और ऑडिट रिपोर्ट के साथ रिटर्न की जांच की जाती है। इस प्रक्रिया से हर रिटर्न को गुजरना पड़ता है। यदि CPC इस तय डेडलाइन के भीतर 'इन्टीमेशन' या सूचना जारी नहीं करता, तो यह माना जाता है कि विभाग ने उस वित्त वर्ष के लिए अपना अधिकार गवां दिया है। आप रिफंड का दावा कर सकते हैं।