Income Tax Rules 2025: बजट में इनकम टैक्स पर फिर मिलेगा गुड न्यूज? जानें क्या-क्या हैं उम्मीदें

वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में इनकम टैक्स कानून में बड़े बदलावों की संभावना कम है। सारा ध्यान अब 'इनकम टैक्स एक्ट 2025' के नए नियमों पर है, जो टैक्सपेयर्स के अधिकारों और कामकाज को तय करेंगे।

Naveen Kumar Pandey
अपडेटेड16 Jan 2026, 07:43 PM IST
नए बजट में टैक्स नियमों में बड़े बदलाव की उम्मीद है या नहीं? (सांकेतिक तस्वीर)
नए बजट में टैक्स नियमों में बड़े बदलाव की उम्मीद है या नहीं? (सांकेतिक तस्वीर)(pexels)

Budget 2026: वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में इनकम टैक्स कानून के मोर्चे पर शायद ही कोई बड़ी हलचल देखने को मिले। जानकारों का कहना है कि सरकार इस बार बड़े बदलावों के बजाय नई व्यवस्था को सुचारू बनाने पर ध्यान देगी। असली बदलाव उन नए इनकम टैक्स नियमों से आएंगे, जो जल्द ही जारी होने वाले हैं। ये नियम तय करेंगे कि 'इनकम टैक्स एक्ट 2025' व्यावहारिक रूप से कैसे काम करेगा।

बजट 2026 में क्या हो सकता है खास?

संसद में पेश होने वाले फाइनेंस बिल 2026 में सिर्फ जरूरी प्रस्ताव ही शामिल होने की उम्मीद है। इसमें साल भर के लिए टैक्स दरों की घोषणा और 1 अप्रैल से नए इनकम टैक्स सिस्टम को लागू करने का खाका पेश किया जा सकता है। सरकार का मुख्य फोकस पुराने कानून से नए कानून की तरफ बढ़ने की प्रक्रिया को आसान बनाने पर रहेगा।

यह भी पढ़ें | इनकम टैक्स डिपार्टमेंट पकड़े आपके ITR में गलतियां, इससे पहले खुद ऐसे कर लें चेक

CBDT के नए नियम क्यों हैं महत्वपूर्ण?

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) जल्द ही नए नियमों का ढांचा जारी करेगा। ये नियम टैक्सपेयर्स के अधिकारों, सिस्टम में निष्पक्षता और कागजी कार्यवाही के बोझ को कम करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा, नियमों के जरिए ही यह तय होगा कि प्रक्रिया की गलती और टैक्स चोरी के बीच क्या फर्क है।

फेसलेस असेसमेंट और अधिकारों की सुरक्षा

नया नियामक ढांचा फेसलेस असेसमेंट जैसी संवेदनशील प्रक्रियाओं को संचालित करेगा। इसमें सरकारी अधिकारियों के पास मौजूद असीमित शक्तियों पर रोक लगाने के लिए सुरक्षा उपाय दिए जाएंगे। साथ ही, टैक्स चोरी के मामलों में कानूनी कार्रवाई शुरू करने की प्रक्रिया और नए सिस्टम में जाने के तरीकों के बारे में भी दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।

यह भी पढ़ें | आजादी से आज तक रक्षा बजट का हिसाब, जानें युद्धों ने कैसे बदली सुरक्षा रणनीति

पुराने कानून के मुकाबले नया कानून कितना बदला?

इनकम टैक्स एक्ट 2025 को काफी सरल और छोटा बनाया गया है। 1961 के पुराने कानून के मुकाबले इसमें चैप्टर्स और शब्दों की संख्या लगभग आधी कर दी गई है। सरलता लाने की इस कोशिश में असेसमेंट से जुड़ी कई प्रक्रियाओं को कानून के बजाय नियमों (सबऑर्डिनेट रूल्स) में शिफ्ट कर दिया गया है।

पुराने आंकड़ों को बदलने की मांग

टैक्स एक्सपर्ट्स का मानना है कि कई मौद्रिक सीमाएं साल 1961 से ही वैसी की वैसी बनी हुई हैं। जैसे, टैक्स-फ्री मील अलाउंस आज भी 50 रुपये प्रति मील पर सीमित है, जो आज के खर्चों के हिसाब से बहुत कम है। इसी तरह, हाउस रेंट अलाउंस (HRA) के लिए मेट्रो शहरों की परिभाषा में आज भी सिर्फ दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई शामिल हैं। बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों को भी इस श्रेणी में लाने की मांग लंबे समय से हो रही है।

यह भी पढ़ें | फर्जी क्लेम करने वाले हो जाएं सावधान! IT ने शुरू कर दिया यह काम
यह भी पढ़ें | 8 तरह के होते हैं इनकम टैक्स के नोटिस, यहां जानिए पूरी डिटेल

टैक्सपेयर्स को नियमों का बेसब्री से इंतजार

डेलॉयट साउथ एशिया के टैक्स प्रेसिडेंट गोकुल चौधरी के मुताबिक, इंडस्ट्री और टैक्सपेयर्स को नियमों और नई फाइलिंग व्यवस्था के नोटिफिकेशन का इंतजार है। उन्होंने कहा कि ये नियम ही तय करेंगे कि टैक्स व्यवस्था कितनी पारदर्शी और अनुकूल होगी। नंगिया ग्लोबल के पार्टनर संदीप झुनझुनवाला का भी मानना है कि नियम कानून से ऊपर नहीं हो सकते, लेकिन वे रिपोर्टिंग और असेसमेंट को सरल या बोझिल जरूर बना सकते हैं।

यह खबर Income tax rules due soon, FY27 Budget to see minimal tax law changes से ली गई है।

Get Latest real-time updates

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

बिजनेस न्यूज़मनीIncome Tax Rules 2025: बजट में इनकम टैक्स पर फिर मिलेगा गुड न्यूज? जानें क्या-क्या हैं उम्मीदें
More
बिजनेस न्यूज़मनीIncome Tax Rules 2025: बजट में इनकम टैक्स पर फिर मिलेगा गुड न्यूज? जानें क्या-क्या हैं उम्मीदें