Income Tax Act: केंद्र सरकार ने इनकम टैक्स एक्ट 2025 के तहत बनने वाले नए नियमों और फॉर्म्स पर लोगों से सुझाव मांगे हैं। ये नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। वित्त मंत्रालय ने रविवार को जानकारी दी कि इनकम टैक्स नियमों और फॉर्म्स को अंतिम रूप देने से पहले ज्यादा से ज्यादा लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए इनके प्रस्तावित ड्राफ्ट को आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। ऐसे में देश की आम जनता 22 फरवरी 2026 तक अपनी राय दे सकते हैं।
बता दें कि मसौदा नियमों में अनुपालन का बोझ काफी कम किया गया है। नियमों की संख्या 511 से घटाकर 333 कर दी गई है। फॉर्म की संख्या भी 399 से घटकर 190 रह गई है। टैक्स से जुड़े जानकारों का कहना है कि सीबीडीटी के मसौदा आयकर नियमों और फॉर्म में किए गए बदलावों में सबसे महत्त्वपूर्ण है ट्रांसफर प्राइसिंग के खुलासे संबंधी जरूरतों में प्रस्तावित बदलाव है।
22 फरवरी तक दे सकते हैं राय
नए इनकम टैक्स एक्ट में टैक्स से जुड़े कानूनों के बारे में बताया गया है, जबकि रूल्स में यह बताया गया है कि कैसे टैक्सपेयर्स, प्रोफेशनल्स और अथॉरिटीज इसे लागू करेंगे। इस ड्राफ्ट पर 22 फरवरी, 2026 तक अपनी राय दी जा सकती है। सरकार पहले यह स्पष्ट कर चुकी है कि नए इनकम टैक्स एक्ट का फोकस टैक्स से जुड़े नियम और कानूनों की भाषा आसान करने पर है। इसमें टैक्स के नियमों में बुनियादी बदलाव नहीं किया गया है।
फॉर्म 48 की शुरुआत
एक अन्य महत्त्वपूर्ण बदलाव फॉर्म 48 की शुरुआत है। यह संबंधित पक्ष के अंतरराष्ट्रीय लेनदेन और कुछ खास घरेलू लेनदेन के खुलासे के लिए मौजूदा फॉर्म 3सीईबी की जगह लेगा। इस फॉर्म को नए सिरे से डिजाइन किया गया है ताकि खुलासे में आसानी रहे। हालांकि प्रोफेशनल लोगों का कहना है कि विस्तारित खुलासे के कारण अनुपालन का बोझ बढ़ सकता है।
टैक्स फाइल करना होगा आसान
एक्सपर्ट्स का कहना है कि नया इनकम टैक्स एक्ट लागू होने के बाद टैक्सपेयर्स को इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने में भी आसानी होगी। नए एक्ट में मुश्किल रूल्स को आसान भाषा में पेश किया गया है। पुराने एक्ट की यह एक बड़ी दिक्कत थी। उसमें शामिल रूल्स को समझने में काफी दिक्कत आती थी। टैक्सपेयर्स को कई बार प्रोफेशनल्स की मदद लेनी पड़ती थी।