नोटों पर महात्मा गांधी कैसे बन गए पहली पसंद, RBI की डॉक्यूमेंट्री में हुआ खुलासा

Gandhi Image On Indian Rupees: महात्मा गांधी की मुस्कुराती तस्वीर भारतीय रुपये की पहचान है, लेकिन क्या आपको पता है कि नोटों पर छपी गांधीजी की तस्वीर की क्या कहानी है? इस बारे में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने एक डॉक्यूमेंट्री के जरिए अहम जानकारी दी है

Jitendra Singh
पब्लिश्ड7 Jul 2025, 05:49 PM IST
Gandhi Image On Indian Rupees:  गांधी जी की तस्वीर सबसे पहले 1969 में 100 रुपये के नोट में छापी गई थी।
Gandhi Image On Indian Rupees: गांधी जी की तस्वीर सबसे पहले 1969 में 100 रुपये के नोट में छापी गई थी। (HT)

Gandhi Image On Indian Rupees: भारतीय नोटों में महात्मा गांधी जी की तस्वीर दिखाई देना आम बातें हो गईं हैं। कई नोट हैं, जहां गांधी जी की तस्वीर लगी हुई है। आजादी से पहले बाद में कुछ सालों तक नोटों में गांधी जी की तस्वीर नहीं रहती थी। पहले गांधी जी की तस्वीर की जगह अशोक स्तंभ छपता था। हाल ही में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की डॉक्यूमेंट्री रिलीज हुई है। जिसमें नोट में गांधी जी की तस्वीर कैसे आई, इस बारे में बताया गया है। RBI ने अपनी डॉक्यूमेंट्री ‘RBI Unlocked: Beyond the Rupee’ को जियो सिनेमा हॉटस्टार के साथ मिलकर तैयार किया है।

इस डॉक्यूमेंट्री में बताया गया है कि रुपये पर किसी मशहूर व्यक्ति की तस्वीर लगाने के लिए रवींद्रनाथ टैगोर, मदर टेरेसा और मौलाना अबुल कलाम आजाद जैसे कई नामों पर विचार हुआ था। लेकिन अंततः देशभर में बनी आम सहमति के बाद महात्मा गांधी के नाम पर मुहर लगी। तब से आज तक उन्हीं की तस्वीर भारतीय नोटों (Currency Notes) पर छप रही है।

नोटों में कैसे आए गांधी जी

RBI की डॉक्यूमेंट्री के मुताबिक, साल 1969 में महात्मा गांधी की 100वीं जयंती पर पहली बार महात्मा गांधी की फोटो 100 रुपये के नोट पर छापी गई। यह तस्वीर उनके सेवाग्राम आश्रम की थी। इसके बाद 1987 में उनके चित्र वाला 500 रुपये का नोट आया। फिर 1996 में ‘महात्मा गांधी सीरीज’ की शुरुआत हुई, जिसमें नई सुरक्षा सुविधाएं भी जोड़ी गईं। सिर्फ तस्वीरें ही नहीं, डॉक्यूमेंट्री में यह भी बताया गया है कि आरबीआई कैसे प्रिंटिंग प्रेस से लेकर देश के सुदूर इलाकों तक नोट पहुंचाने के लिए ट्रेन, जलमार्ग, हवाई जहाज़ और हेलीकॉप्टर तक का इस्तेमाल करता है। चाहे वह उत्तर के पहाड़ हों, पश्चिम का रेगिस्तान हो या नक्सल प्रभावित क्षेत्। हर जगह नोट पहुंचाना केंद्रीय बैंक की जिम्मेदारी है।

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नोटों पर अशोक स्तंभ

बता दें कि 15 अगस्त 1947 को देश आजाद हुआ। इसके दो साल बाद भी आजाद भारत की करेंसी के रंग-रूप में कोई बदलाव नहीं हुआ था। 1949 तक भारतीय रुपयों पर ब्रिटेन के राजा किंग जॉर्ज (छठवें) की तस्वीर ही छप रही थी। इसके बाद साल 1949 में भारत सरकार पहली बार 1 रुपये के नोट पर नया रूप लेकर आई और इसपर किंग जॉर्ज की जगह अशोक स्तंभ की तस्वीर छपी। कुछ सालों तक भारतीय रुपयों पर अशोक स्तंभ के साथ अलग-अलग तस्वीर छपती रही, जैसे आर्यभट्ट, सैटेलाइट या फिर कोणार्क का सूर्य मंदिर।

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