इंडियन ओवरसीज बैंक ने शुरू किया पोर्टल, 15 दिन में होगा डेथ क्लेम का सेटलमेंट

Online death claim: इंडियन ओवरसीज बैंक ने डेथ क्लेम सेटलमेंट के लिए एक नया ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है। परिवार अब कहीं से भी ऑनलाइन क्लेम कर सकते हैं। इसमें 15 लाख रुपये तक के क्लेम के लिए किसी थर्ड-पार्टी गारंटी की जरूरत नहीं है और इसे 15 दिनों के अंदर प्रोसेस किया जाएगा।

Jitendra Singh
अपडेटेड20 Feb 2026, 03:58 PM IST
Online death claim: 15 लाख रुपये तक के क्लेम का 15 दिन के भीतर निपटारा कर दिया जाएगा।
Online death claim: 15 लाख रुपये तक के क्लेम का 15 दिन के भीतर निपटारा कर दिया जाएगा।(Livemint)

Indian Overseas Bank: किसी अपने के दुनिया से चले जाने के बाद बैंक के चक्कर लगाना परिवार के लिए सबसे मुश्किल काम होता है। हालांकि अब यह परेशानी खत्म हो सकती है। इसके लिए सरकारी बैंक इंडियन ओवरसीज बैंक यानी आईओबी ने डेथ क्लेम सेटलमेंट के लिए ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया है। इस पोर्टल के जरिए 15 लाख रुपये तक के दावों का निपटारा 15 दिनों के भीतर हो जाएगा। यूजर्स को घर बैठे ही अप्लाई करने, दस्तावेज अपलोड और स्टेटस ट्रैक करने की सुविधा मिलेगी।

खास बात यह है कि 15 लाख तक के क्लेम में किसी थर्ड पार्टी गारंटी (surety) की जरूरत नहीं पड़ेगी। बैंक का कहना है कि यह पहल मुश्किल समय में परिवारों को राहत देने के लिए इस सुविधा की शुरुआत की गई है। ऐसे में अब बैंकों के बार - बार चक्कर लगाने की जरूरत नही पड़ेगी। यह कदम आरबीआई के उन निर्देशों के तहत उठाया गया है, जिसका मकसद क्लेम की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाना है।

पोर्टल में रियल-टाइम ट्रैकिंग सिस्टम की सुविधा

पोर्टल में रियल-टाइम ट्रैकिंग सिस्टम भी दिया गया है। इससे क्लेम करने वाले यूजर्स अपने आवेदन की स्थिति हर चरण में देख सकेंगे। बैंक ने दावा किया है कि सभी एलिजिबल क्लेम का निपटारा 15 दिनों के भीतर कर दिया जाएगा। बैंक का कहना है कि इस पहल का मकसद कठिन समय में परिवारों को राहत देना और डिजिटल माध्यम से सर्विसेज को आसान बनाना है। यह कदम बैंक की डिजिटल बदलाव की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

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कैसे अपलोड करें डॉक्यूमेंट्स

  • digital.iob.bank.in/deathclaimonline पर जाएं।
  • न्यू क्लेम पर क्लिक करें।
  • क्लेम नॉमिनेशन के साथ है या नहीं, सेलेक्ट करें।
  • मोबाइल नंबर, आधार नंबर और कैप्चा कोड डालें।
  • टर्म्स और कंडीशंस एक्सेप्ट करें।
  • आवेदन जमा करने के बाद एक रेफरेंस नंबर मिलेगा। इसी नंबर के जरिए दावेदार अपने क्लेम की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक कर सकेंगे।

बैंक ने मृतकों के परिजनों की दी बड़ी राहत

IOB ने अपनी नई कॉरपोरेट वेबसाइट भी लॉन्च की है। यह वेबसाइट आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आधारित है। इसका मकसद ग्राहकों को आसान और बेहतर ऑनलाइन अनुभव देना है। बैंक का कहना है कि यह कदम डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन का हिस्सा है। इसका मकसद समय में परिवारों का बोझ कम करना और प्रोसेस को आसान बनाना है।

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कब हुई इंडियन बैंक की स्थापना?

इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) एक सरकारी बैंक है। इसकी स्थापना 10 फरवरी 1937 को हुई थी। इसके संस्थापक एम. चिदंबरम चेट्टियार हैं। बैंक का मुख्यालय चेन्नई में है। इसे साल 1969 में इसे राष्ट्रीय बैंक घोषित किया गया था। यह अपनी मजबूत ऑनलाइन बैंकिंग सेवाओं के लिए जाना जाता है। यह पर्सनल बैंकिंग, कॉर्पोरेट बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, IOB मोबाइल बैंकिंग, एमएसएमई योजनाएं जैसी सेवाएं मुहैया कराता है।

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