भारत में 11 साल में 27% से घटकर 5% हुआ गरीबों का आंकड़ा, पढ़ें विश्व बैंक की पूरी रिपोर्ट

भारत में अत्यधिक गरीबी में जीने वाले लोगों की संख्या में बड़ी गिरावट आई है। वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, 2011-12 से 2022-23 के बीच भारत में बेहद गरीबी में जी रहे लोगों की संख्या 27.1% से घटकर सिर्फ 5.3% रह गई है।

Priya Shandilya( विद इनपुट्स फ्रॉम भाषा)
पब्लिश्ड7 Jun 2025, 08:31 PM IST
भारत में घटकर 5.3% पर आई अत्यधिक गरीबी: विश्व बैंक की रिपोर्ट
भारत में घटकर 5.3% पर आई अत्यधिक गरीबी: विश्व बैंक की रिपोर्ट(Mint)

India Poverty Rate: बीते एक दशक में भारत ने गरीबी के खिलाफ बड़ी लड़ाई जीत ली है। वर्ल्ड बैंक की नई रिपोर्ट के मुताबिक, 2011-12 में जहां हर चार में से एक भारतीय बेहद गरीबी में जी रहा था, वहीं 2022-23 में ये आंकड़ा घटकर महज 5.3% रह गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस दौरान करीब 17 करोड़ लोगों ने गरीबी रेखा से ऊपर कदम रखा है।

अब प्रतिदिन 3 डॉलर से कम खर्च करने वाले को माना गया 'बेहद गरीब'

रिपोर्ट के अनुसार, अब बहुत गरीब लोगों की पहचान के लिए जो नया पैमाना तय किया गया है, वह है रोजाना 3 डॉलर (लगभग 257) खर्च करने की सीमा। पहले यह सीमा 2.15 डॉलर थी। यानी अब 2021 की कीमतों के हिसाब से 3 डॉलर रोज खर्च करने वाला व्यक्ति 'अत्यधिक गरीब' की श्रेणी में आता है। इस नई सीमा के अनुसार 2022-23 में भारत की गरीबी दर 5.3% रही।

2024 तक 5.44% लोग अभी भी बेहद गरीबी में

2024 तक भारत में करीब 5.44% लोग ऐसे हैं, जो प्रतिदिन 3 डॉलर से भी कम खर्च में जीवन जी रहे हैं। हालांकि यह आंकड़ा पहले के मुकाबले काफी कम है और यह दिखाता है कि हालात सुधर रहे हैं।

राशन योजनाओं का बड़ा रोल

गरीबी में आई इस गिरावट का बड़ा श्रेय सरकार की मुफ्त और रियायती राशन योजनाओं को दिया गया है। इन योजनाओं ने खासतौर पर महामारी के दौरान ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों के गरीबों को राहत दी।

गांव-शहर के गरीबों में फर्क भी हुआ कम

रिपोर्ट में बताया गया है कि ग्रामीण इलाकों में बहुत गरीबी 18.4% से घटकर 2.8% रह गई है, जबकि शहरी इलाकों में यह 10.7% से गिरकर 1.1% पर आ गई है। इससे यह साफ है कि गांव और शहर के बीच का फासला भी पहले से बहुत कम हो गया है, पहले जहां यह अंतर 7.7% था, अब सिर्फ 1.7% रह गया है।

5 सबसे बड़े राज्यों में हैं 54% बेहद गरीब

रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश जैसे पांच राज्यों में 2011-12 में देश के 65% बेहद गरीब रहते थे। लेकिन 2022-23 तक गरीबी कम करने में सबसे ज्यादा योगदान भी इन्हीं राज्यों का रहा, और अब इन 5 राज्यों में देश के 54% अत्यधिक गरीब लोग हैं।

GDP अब भी कोविड-19 से पहले वाले स्तर से पीछे

रिपोर्ट बताती है कि वित्त वर्ष 2024-25 तक भारत की असली GDP अब भी महामारी से पहले के स्तर से करीब 5% पीछे है। हालांकि अगर दुनिया भर की आर्थिक परेशानियों को सही तरीके से संभाला गया, तो 2027-28 तक भारत की अर्थव्यवस्था दोबारा रफ्तार पकड़ सकती है।

निर्यात और निवेश पर भी असर पड़ सकता है

रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि दुनिया भर में चल रहे व्यापारिक तनाव और नीति बदलावों की वजह से भारत के निर्यात और निवेश पर असर पड़ सकता है। 2026-28 के बीच चालू खाता घाटा GDP के 1.2% के आसपास रहने की उम्मीद है और विदेशी मुद्रा भंडार GDP के 16% के स्तर पर स्थिर रहने का अनुमान है।

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

होममनीभारत में 11 साल में 27% से घटकर 5% हुआ गरीबों का आंकड़ा, पढ़ें विश्व बैंक की पूरी रिपोर्ट
More