SIF NFO: देश में स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड (SIF) की शुरुआत होते ही इस कैटेगरी के म्यूचुअल फंड में नए-नए ऑफर्स आ रहे हैं। अब इन्वेस्को म्यूचुअल फंड ने समिट (Summit) नाम से एसआईएफ लॉन्च करने का ऐलान किया है। समिट इक्विटी लॉन्ग-टर्म फंड के लिए न्यू फंड ऑफर (NFO) आज 2 जुलाई को निवेशकों के लिए खुल चुका है जो 16 जुलाई को बंद होगा।
लॉन्ग-शॉर्ट पोजिशन स्ट्रैटिजी पर आधार है फंड
इन्वेस्को का कहना है कि समिट इक्विटी लॉन्ग-टर्म फंड लिस्टेड इक्विटी और इक्विटी संबंधी उपकरणों में निवेश करेगा। इस ओपेन एंडेड फंड में डेरिवेटिवक उपकरणों के माध्यम से इक्विटी में सीमित शॉर्ट एक्सपोजर भी शामिल होगा। इन्वेस्को ने बताया कि समिट लॉन्ग-टर्म इक्विटी फंड की इस निवेश रणनीति का प्रबंधन हितेन जैन करेंगे जिसका बेंचमार्क बीएसई 500 टीआरआई होगा।
बाजार बढ़े या गिरे, दोनों सूरत में फायदा
इन्वेस्को ने एसआईएफ को लेकर जारी अपनी प्रेस रिलीज में बताया कि समिट इक्विटी लॉन्ग-टर्म इक्विटी फंड को लॉन्ग पोजिशन के जरिए दिशात्मक बढ़त और शॉर्ट पोजिशन के जरिए रणनीतिक गिरावट, दोनों के अवसरों का लाभ उठाने के लिए डिजाइन किया गया है। यानी, निवेशकों के लिए यह एसआईएफ बाजार की बदलती स्थितियों का फायदा उठाने में भरपूर सहायक होगी।
इन्वेस्को म्यूचुअल फंड के फंड मैनेजर हितेन जैन ने कहा, ‘आज के बदलते बाजारों में ज्यादा रिटर्न कमाना सिर्फ उसकी लहर के साथ बहने जैसा नहीं है, इसके लिए मौके का फायदा उठाने और जोखिम से बचने, दोनों की समझ की जरूरत है। आम फंड केवल तभी मुनाफा कमाते हैं जब शेयरों के दाम बढ़ते हैं लेकिन असलियत में बाजार का रिटर्न हमेशा एक जैसा नहीं रहता। समिट एसआईएफ को इस तरह बनाया गया है कि यह शेयर की कीमतें बढ़ने और घटने, दोनों ही स्थितियों में फायदा उठा सके।’
एसआईएफ श्रेणी अनुभवी निवेशकों को पोर्टफोलियो लचीलेपन का वह स्तर प्रदान करती है जो पहले केवल संस्थागत पूंजी तक ही सीमित था। समिट एसआईएफ भारत की अगली पीढ़ी के संपत्ति बनाने वालों के प्रति विशेष निवेश सोच लाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।- सौरभ नानावटी , एमडी और सीईओ, इन्वेस्को एसेट मैनेजमेंट (इंडिया)
लॉन्ग-शॉर्ट पोजिशन की रणनीति समझ लीजिए
लॉन्ग पोजिशन के लिए इन्वेस्को एसेट मैनेजमेंट (इंडिया) के क्लासिफिकेशन स्ट्रक्चर पर आधारित बॉटम-अप स्टॉक सेलेक्शन प्रोसेस का सहारा लिया जाएगा। वहीं, शॉर्ट पोजिशन के लिए डेरिवेटिव में डीलिंग होगी। इसके तहत, जिन शेयरों में गिरावट की आशंका होगी, उससे कमाई के अवसर बनाए जाएंगे।
नई पीढ़ी के निवेशकों पर इन्वेस्को का ध्यान
इन्वेस्को एसेट मैनेजमेंट (इंडिया) के एमडी और सीईओ सौरभ नानावटी ने एनएफओ लॉन्चिंग के अवसर पर कहा कि कंपनी भारत में एसेट मैनेजमेंट के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है। उन्होंने कहा, ‘एसआईएफ श्रेणी अनुभवी निवेशकों को पोर्टफोलियो लचीलेपन का वह स्तर प्रदान करती है जो पहले केवल संस्थागत पूंजी तक ही सीमित था। समिट एसआईएफ भारत की अगली पीढ़ी के संपत्ति बनाने वालों के प्रति विशेष निवेश सोच लाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।’
कम से कम 10 लाख रुपये का निवेश जरूरी
आम निवेशकों के लिए एनएफओ के दौरान कम से कम 10 लाख रुपये और जबकि मान्यताप्राप्त निवेशकों के लिए निवेश की राशि 1 लाख रुपये निश्चित है। एसआईएफ इन्वेस्टमेंट के लिए मिनिमम अप्लीकेशन अमाउंट 1,000 रुपये है, बशर्ते समिट एसआईएफ की सभी निवेश रणनीतियों में 10 लाख रुपये की न्यूनतम निवेश सीमा बनाए रखी जाए।
16 जुलाई तक खुला है NFO
इस इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटिजी अलॉटमेंट की तारीख से तीन महीने या उससे पहले रिडीम किए गए या स्विच आउट की गई यूनिट्स पर 0.50% एग्जिट लोड लेगी। 3 महीने के बाद यूनिट्स रिडीम या स्विच आउट करना मुफ्त होगा। निवेशक 16 जुलाई तक इन्वेस्को के समिट एसएफआई के एनएफओ में निवेश कर सकते हैं।