Home Renovation: घर की मरम्मत या उसका नवीनीकरण करवाने के लिए लोन लेने पर टैक्स में छूट मिलती है? जवाब है- हां, होम रेनोवेशन के लिए लिए गए लोन पर भी टैक्स बेनिफिट मिलता है, लेकिन इसके नियम होम लोन से थोड़े अलग और सख्त हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि आप कैसे और कितना टैक्स बचा सकते हैं।
होम रेनोवेशन लोन के ब्याज पर टैक्स छूट
आयकर कानून की धारा 24(b) के तहत, होम रेनोवेशन लोन की ईएमआई के केवल ब्याज वाले हिस्से पर ही टैक्स छूट मिलती है।
सेल्फ-ऑक्यूपाइड प्रॉपर्टी: यदि आप उस घर में खुद रहते हैं तो आप सालाना अधिकतम 30,000 रुपये तक के ब्याज पर टैक्स छूट क्लेम कर सकते हैं। ध्यान रहे कि होम लोन पर मिलने वाली कुल छूट की सीमा 2 लाख रुपये है। यह 30,000 रुपये उसी 2 लाख रुपये की सीमा का हिस्सा है, अलग से नहीं। उदाहरण के लिए, अगर आप पहले से होम लोन पर 1.80 लाख रुपये का ब्याज क्लेम कर रहे हैं, तो रेनोवेशन लोन पर आप केवल 20,000 रुपये ही क्लेम कर पाएंगे।
लेट-आउट प्रॉपर्टी: अगर आपने घर किराये पर दे रखा है और उसकी मरम्मत के लिए लोन लिया है, तो ब्याज पर छूट की कोई अधिकतम सीमा नहीं है। आप पूरे ब्याज पर टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं।
मूलधन पर कोई छूट नहीं
यह सबसे बड़ा अंतर है। सामान्य होम लोन में मूलधन वापस करने पर सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की छूट मिलती है। लेकिन, होम रेनोवेशन लोन के मूलधन की वापसी पर सेक्शन 80C के तहत कोई टैक्स बेनिफिट नहीं मिलता है। यह छूट केवल 'नया घर खरीदने' या 'बनाने' के लिए होती है, मरम्मत के लिए नहीं।
टैक्स रिजीम का असर
ओल्ड टैक्स रिजीम: सेक्शन 24(बी) के तहत यह छूट केवल तभी मिलती है जब आप ओल्ड टैक्स रिजीम चुनते हैं।
न्यू टैक्स रिजीम: अगर आप न्यू टैक्स रिजीम चुनते हैं, तो सेल्फ-ऑक्यूपाइड प्रॉपर्टी के लोन के ब्याज पर कोई टैक्स छूट नहीं मिलेगी।
जरूरी शर्तें
लोन का प्रकार: यह छूट केवल तभी मिलेगी जब लोन का पैसा घर के रिन्यूअल, रिपेयर या रिकंस्ट्रक्शन में इस्तेमाल हुआ हो।
दस्तावेज: आपको यह साबित करना होगा कि पैसा मरम्मत में लगा है। इसके लिए लोन का ब्याज प्रमाणपत्र और रेनोवेशन के खर्च का बिल/इनवॉइस सुरक्षित रखें।
को-ओनर: अगर लोन की रकम पति-पत्नी के जॉइंट अकाउंट में आई है, तो दोनों अलग-अलग अपनी हिस्सेदारी के हिसाब से 30-30 हजार रुपये यानी कुल 60,000 रुपये तक की छूट क्लेम कर सकते हैं।
इस बात का रखें ध्यान तो होगा फायदा
हालांकि, यदि आपका रेनोवेशन का काम बड़ा है, जैसे एक नया फ्लोर बनाना, तो इसे 'कंस्ट्रक्शन' की कैटिगरी में लाने की कोशिश करें, ताकि आप सेक्शन 80C और 2 लाख रुपये वाली लिमिट का लाभ ले सकें। इसके लिए आपको चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) से सलाह लेनी चाहिए कि क्या आपका काम 'एक्सेंटशन' माना जा सकता है।