CBDT Nudge Campaign Alert: टैक्स बचाने के चक्कर में अगर आपने फर्जी दान दिखाया है,तो अब समझ लीजिए। आयकर विभाग की नजरें बाज से भी तेज हैं। दरअसल आयकर विभाग ने हाल ही में ऐसे कई बिचौलियों पर कार्रवाई की है,जो कमीशन लेकर लोगों के रिटर्न में गलत डिडक्शन और छूट दिखा रहे थे।
इन बिचौलियों ने देशभर में नेटवर्क बना रखा था और कई मामलों में दान के नाम पर राजनीतिक पार्टियों या चैरिटेबल संस्थाओं को किए गए भुगतान दिखाए गए,जो जांच में संदिग्ध मिले हैं। जांच एजेंसियों को पता चला कि जिन Registered Unrecognised Political Parties (RUPPs) और कुछ ट्रस्टों को दान दिखाया गया, वे या तो रिटर्न ही नहीं भरते, जमीन पर सक्रिय नहीं हैं या सिर्फ कागजों पर मौजूद हैं।
इन फाइलों पर है इनकम टैक्स विभाग की नजर
अब CBDT ने डेटा‑ड्रिवन अप्रोच अपनाकर ऐसे संदिग्ध रिटर्न पहले ही पकड़ने की रणनीति बनाई है। इसके तहत उन टैक्सपेयर्स पर खास नजर है, जिन्होंने आयकर कानून की धारा 80GGC या 80G के तहत भारी डिडक्शन क्लेम किए हैं, लेकिन दान देने वाली संस्था या ट्रांजैक्शन को लेकर स्पष्ट जानकारी और पर्याप्त दस्तावेज नहीं दिए हैं।
बता दें कि CBDT ने ‘NUDGE’ कैंपेन शुरू किया है, जिसे करदाताओं के लिए एक तरह का फ्रेंडली अलर्ट बताया जा रहा है। विभाग 12 दिसंबर 2025 से ऐसे टैक्सपेयर्स को SMS और ई‑मेल भेज रहा है,जिनके रिटर्न में संदिग्ध डिडक्शन दिख रहे हैं। इन संदेशों के जरिए लोगों को मौका दिया जा रहा है कि वे अपने रिटर्न दुबारा देखें,जरूरत हो तो सुधार करें या Updated Return फाइल कर दें, ताकि आगे चलकर नोटिस या पेनाल्टी की स्थिति न बने।
मांगी जा सकती है ये जानकारी
दरअसल डिपार्टमेंट के डेटा एनालिटिक्स टूल्स ऐसे पैटर्न पकड़ रहे हैं,जहां किसी खास तरह की संस्था को बड़े पैमाने पर दान दिखाकर टैक्स बचाने की कोशिश की गई है। ऐसे मामलों में विभाग टैक्सपेयर्स से सबूत और अतिरिक्त जानकारी मांग सकता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि डिडक्शन वाकई असली दान पर आधारित है। अधिकारियों के मुताबिक, बड़ी संख्या में टैक्सपेयर्स ने मौजूदा असेसमेंट ईयर 2025‑26 के लिए रिटर्न फाइल कर दिए हैं और इन्हीं में से संदिग्ध केस चिन्हित किए जा रहे हैं।