ITR Filing 2026: टैक्स बचाने का गोल्डन फॉर्मूला! 80C, HRA और होम लोन की छूट से बचेंगे लाखों रुपये

ITR Filing 2026: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करते समय सही टैक्स प्लानिंग से हजारों नहीं बल्कि लाखों रुपये तक की बचत की जा सकती है। इनकम टैक्स एक्ट में कई तरह की डिडक्शन्स (Deductions - कटौतियां) और इग्ज़ेम्शन (छूट) उपलब्ध हैं। इसका फायदा आसानी से उठा सकते हैं।

Jitendra Singh
अपडेटेड14 Jul 2026, 12:59 PM IST
ITR Filing 2026: ओल्ड टैक्स रिजीम में ही टैक्स छूट का फायदा मिलता है।
ITR Filing 2026: ओल्ड टैक्स रिजीम में ही टैक्स छूट का फायदा मिलता है।

ITR Filing 2026: आयकर रिटर्न दाखिल करते समय अधिकांश करदाता यह जानना चाहते हैं कि टैक्स की देनदारी को कानूनी तरीके से कैसे कम किया जाए। भारत के आयकर कानून में कई ऐसी कटौतियां और छूट मौजूद हैं, जिनकी मदद से टैक्स योग्य आय (Taxable Income) को कम किया जा सकता है। सही जानकारी और बेहतर योजना के जरिए करदाता हर साल बड़ी रकम बचा सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार टैक्स बचत की शुरुआत डिडक्शन्स (Deductions) और इग्जेम्पशन्स (Exemptions) को समझने से होती है। हालांकि इनका पूरा लाभ मुख्य रूप से पुरानी कर व्यवस्था (Old Tax Regime) में ही उपलब्ध है।

डिडक्शन्स (Deductions) और इग्जेम्पशन्स में क्या अंतर है?

कई लोग डिडक्शन्स (Deductions) और इग्जेम्पशन्स (Exemptions) को एक ही समझते हैं, जबकि दोनों अलग-अलग अवधारणाएं हैं। छूट (Exemption) वह आय होती है जिस पर टैक्स नहीं लगता। उदाहरण के तौर पर HRA का एक हिस्सा या कुछ विशेष भत्ते।

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डिडक्शन (कटौती) वह राशि होती है जिसे कुल आय से घटाकर टैक्स योग्य आय निकाली जाती है। जैसे सेक्शन 80C या 80D के तहत मिलने वाली कटौतियां।

सेक्शन 80C: टैक्स बचाने का सबसे लोकप्रिय विकल्प

सेक्शन 80C आयकर कानून की सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाली धारा है। इसके तहत करदाता अधिकतम 1.5 लाख तक की कटौती का दावा कर सकते हैं।

80C के तहत शामिल प्रमुख निवेश

निवेश विकल्पअधिकतम सीमा
PPF80C सीमा के भीतर
EPF80C सीमा के भीतर
ELSS Mutual Fund80C सीमा के भीतर
जीवन बीमा प्रीमियम80C सीमा के भीतर
टैक्स सेविंग FD80C सीमा के भीतर
बच्चों की ट्यूशन फीस80C सीमा के भीतर

कुल मिलाकर 80C के तहत अधिकतम 1.5 लाख तक की कटौती उपलब्ध है।

HRA: किराए के मकान में रहने वालों के लिए बड़ा फायदा

अगर आप नौकरीपेशा हैं और किराए के मकान में रहते हैं तो हाउस रेंट अलाउंस (House Rent Allowance - HRA) के जरिए टैक्स बचा सकते हैं।

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HRA छूट की गणना तीन शर्तों में से सबसे कम राशि के आधार पर की जाती है:

  • वास्तविक HRA प्राप्त राशि
  • मूल वेतन का 50% (मेट्रो शहर) या 40% (गैर-मेट्रो)
  • भुगतान किया गया किराया माइनस बेसिक सैलरी का 10%

विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े शहरों में रहने वाले कर्मचारियों के लिए HRA टैक्स बचत का महत्वपूर्ण साधन बन सकता है।

होम लोन: घर खरीदने वालों के लिए दोहरा लाभ

होम लोन लेने वाले करदाताओं को आयकर कानून में विशेष लाभ मिलता है।

होम लोन पर उपलब्ध टैक्स लाभ

धारालाभ
Section 80Cमूलधन (Principal) पर 1.5 लाख तक
Section 24(b)ब्याज पर 2 लाख तक

इस तरह होम लोन धारक कुल 3.5 लाख तक की टैक्स राहत प्राप्त कर सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय में यह लाभ घर खरीदने की लागत को काफी कम कर देता है।

सेक्शन 80D: स्वास्थ्य बीमा पर टैक्स बचत

स्वास्थ्य बीमा केवल सुरक्षा ही नहीं देता बल्कि टैक्स बचाने में भी मदद करता है।

80D के तहत कटौती

श्रेणीअधिकतम कटौती
स्वयं और परिवार 25,000
वरिष्ठ नागरिक माता-पिता 50,000
कुल संभावित लाभ 75,000
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