ITR Filing 2026: एसेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने का समय नजदीक आ रहा है। ऐसे में सुपर सीनियर सिटीजन को आईटीआर फाइल करना पड़ेगा या नहीं? यह सवाल फिर से चर्चा में है। आमतौर पर माना जाता है कि 80 साल से ज्यादा की उम्र होने पर टैक्स फाइलिंग की जरूरत नहीं पड़ती है, लेकिन यह पूरी तरह सही नहीं है। अगर आप या आपके परिवार में कोई सुपर सीनियर सिटीजन है, तो आपको इसके बारे में जरूर जान लेना चाहिए।
सभी बुजुर्गों को ITR Filing से छुटकारा नहीं
दरअसल, इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के तहत सेक्शन 194P बुजुर्गों को बड़ी राहत देता है, लेकिन यह कोई ब्लैंकेट एग्जेंप्शन यानी सबके लिए एक समान छूट नहीं है। यह प्रावधान मुख्य रूप से 75 साल और उससे अधिक उम्र के उन रेजिडेंट सीनियर सिटीजन्स के लिए है, जिनकी इनकम के सोर्स बेहद सीमित हैं।
ET Now को विभवंगल अनुकुलकारा प्राइवेट लिमिटेड के एमडी सिद्धार्थ मौर्या ने बताया कि सुपर सीनियर सिटीजन्स को आमतौर पर ITR दाखिल करने से पूरी तरह छूट नहीं मिली है, बल्कि कुछ खास परिस्थितियों में उन्हें राहत दी गई है। इस नियम का लाभ उठाने के लिए व्यक्ति की आय का जरिया केवल 'पेंशन' और 'ब्याज' होना चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि यह पेंशन और ब्याज दोनों एक ही 'निर्दिष्ट बैंक' (Specified Bank) से प्राप्त होने चाहिए। अगर बुजुर्ग व्यक्ति बैंक को एक निर्धारित घोषणा पत्र सौंप देते हैं, तो टैक्स की कैलकुलेशन और कटौती की जिम्मेदारी बैंक की हो जाती है।
एक चूक और नहीं मिलेगी राहत
वहीं, अगर किसी सुपर सीनियर सिटीजन का एक से ज्यादा बैंकों में अकाउंट है या उन्हें किसी दूसरे बैंक की FD से ब्याज मिल रहा है, तो वे सेक्शन 194P के दायरे से बाहर हो जाएंगे। इसी तरह, पोस्ट ऑफिस की स्कीमों से मिलने वाला ब्याज भी इस छूट को खत्म कर सकता है। सरकार की मंशा उन लोगों को राहत देना है जिनका वित्तीय लेनदेन केवल एक ही बैंक तक सीमित है, जिससे बैंक के पास उनकी कमाई का पूरा ब्योरा उपलब्ध रहे।
क्या है आईटीआर फाइलिंग 2026 की अंतिम तारीख?
बता दें कि सरकार ने बुजुर्गों की राहत के लिए ऑफलाइन आईटीआर फाइलिंग का विकल्प भी बरकरार रखा है। वहीं, एसेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए नॉन-ऑडिट इंडिविजुअल्स के लिए 31 जुलाई 2026 आखिरी तारीख है, जबकि ऑडिट वाले मामलों के लिए 31 अक्टूबर 2026 तक का समय दिया गया है।