Income Tax Rules 2026: अगर आप भी इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते हैं, तो ITR से जुड़े सभी नियम आपको पता होने चाहिए। कई बार जानकारी के आभाव के कारण टैक्सपेयर्स कुछ ऐसी गलती कर देते हैं, जिसकी वजह से उनके यहां पर आयकर विभाग का नोटिस आ जाता है।
आज हम आपको इनकम टैक्स से जुड़े एक ऐसे ही नियम के बारे में बताने वाले हैं, जिसकी जानकारी आपको जरूर होनी चाहिए। आपने कभी सोचा है कि अगर टैक्सपेयर की मृत्यु आईटीआर भरने से पहले हो जाए, तो उसके इनकम टैक्स का क्या होता है? क्या सरकार उसे माफ कर देती है? या फिर उसके परिवारवालों को वो टैक्स भरना पड़ता है? आइए जानते हैं।
क्या टैक्सपेयर की मौत के बाद भरना होता है ITR?
आयकर विभाग के नियमानुसार अगर किसी टैक्सपेयर की मौत आईटीआर भरने से पहले हो जाए, तो भी उनका रिटर्न फाइल करना जरूरी होता है। ये जिम्मेदारी उसके लीगल रिप्रेजेंटेटिव की होती है कि उसका ITR तय समय पर फाइल करें। अगर तय समय के बाद बिलेटेट रिटर्न भी नहीं फाइल किया जाता है, तो उसको इनकम टैक्स विभाग का नोटिस आ सकता है।
क्या वारिस को जेब से देने होते हैं पैसे?
अब सवाल आता है कि अगर टैक्सपेयर की मौत के बाद उसका वारिस टैक्स भरने में असमर्थ है, तो क्या होगा? कानून के अनुसार वो टैक्स भरने लायक नहीं है, तो आयकर विभाग उसे टैक्सपेयर की छोड़ी ही संपत्ति से वसूल सकता है, लेकिन वारिस को अपनी जेब से एक रुपया भी नहीं देना होता है।
मान लेते हैं कि राजू की मौत बिना 4 लाख रुपये टैक्स भरे हो गई। अब राजू का कानूनी वारिस की जिम्मेदारी होगी कि वो उसका टैक्स भरे। हालांकि इस मामले में राजू के वारिस मृतक की सारी संपत्ति बेचकर 3लाख रुपये ही जमा कर पाया, तो आयकर विभाग उस 3 लाख रुपये के बाद फाइल क्लोज कर देगा।
वहीं अगर मृतक का वारिस राजू की मौत के बाद तुरंत सारी संपत्ति बेच देता है या फिर बंटवारा करवा देता है, तो अब वारिस को ही सारी टैक्स की रकम चुकानी पड़ेगी।