ITR Filing AY 2026-27: देश में असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए टैक्सपेयर्स अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की शुरुआत कर चुके हैं। नौकरीपेशा लोगों के लिए टैक्स रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है, जबकि अन्य करदाताओं के लिए यह तारीख आगे बढ़ा दी गई है। आमतौर पर देखा जाता है कि बहुत सारे लोग टैक्स रिटर्न दाखिल करते समय कुछ गलतियां कर देते हैं, जिसकी वजह से उनको इनकम टैक्स डिपार्टमेंट नोटिस थमा देता है। हाल के सालों में टैक्स विभाग के Nudge इनिशिएटिव के तहत ऑटोमेटेड अलर्ट और नोटिस काफी बढ़े हैं। अगर आप भी इस बार बिना किसी परेशानी के अपना ITR दाखिल करना चाहते हैं, तो इन 5 जरूरी स्टेप्स को जरूर जान लें।
सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स को पहले ही कर लें इकट्ठा
रिटर्न भरने से पहले पैन, आधार, फॉर्म-16, बैंक स्टेटमेंट, निवेश से जुड़े दस्तावेज, होम लोन की डिटेल और ब्याज से जुड़े सर्टिफिकेट अपने पास जरूर रख लें। अगर आप HRA, 80C, 80D या किसी अन्य कटौती का क्लेम कर रहे हैं, तो उससे जुड़े दस्तावेज भी उपलब्ध होने चाहिए। माता-पिता को किराया देने की स्थिति में रेंट एग्रीमेंट और पेमेंट का रिकॉर्ड रखना भी जरूरी है। अगर उन्होंने किराया प्राप्त किया है तो उसे अपनी आय में भी दिखाना होगा।
AIS और Form 26AS को क्रॉस-चेक जरूर करें
ITR भरने से पहले एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS), टैक्स इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (TIS) और फॉर्म 26AS का अपनी कमाई से मिलान करें। अक्सर लोग सेविंग्स बैंक का ब्याज, डिविडेंड या टीडीएस (TDS) छोड़ देते हैं, जिससे ऑटोमेटेड नोटिस आ जाता है। हालांकि, AIS में कभी-कभी डुप्लीकेट एंट्री या गलतियां भी होती हैं, जिन्हें आप पोर्टल पर फीडबैक देकर सुधार सकते हैं।
अपने लिए सही ITR फॉर्म का चुनाव करें
अक्सर लोग यहीं पर सबसे बड़ी गलती कर बैठते हैं। गलत फॉर्म चुनने से आपका रिटर्न डिफेक्टिव माना जा सकता है। उदाहरण के लिए, अगर आप केवल सैलरी और एक घर से कमाई करते हैं, और आपकी कमाई 50 लाख रुपये या उससे कम है, तो आपके लिए ITR-1 (सहज) सही है। वहीं, अगर आप बिजनेस करते हैं या शेयर बाजार से कैपिटल गेन हुआ है, तो आपको ITR-2 या ITR-3 भरना होगा।
टैक्स छूट का क्लेम करें
फॉर्म चुनकर जब आप अपनी इनकम की डिटेल्स भर लें, तो मिलने वाली टैक्स छूट (Deductions) का दावा करें। जैसे 80C के तहत पीपीएफ या एलआईसी, और 80D के तहत मेडिकल इंश्योरेंस। पूरी जानकारी भरने के बाद एक बार फिर से 'प्रीव्यू' बटन पर क्लिक करके सारी डिटेल्स को री-वेरिफाई कर लें कि कहीं कोई टाइपो या स्पेलिंग मिस्टेक तो नहीं हुई है।
ई-वेरिफिकेशन करना अनिवार्य
ITR सबमिट करने के बाद उसे ई-वेरिफाई (e-Verify) करना बेहद जरूरी है। आप अपने आधार ओटीपी (Aadhaar OTP) या नेट बैंकिंग के जरिए इसे तुरंत वेरिफाई कर सकते हैं। याद रखें, बिना वेरिफिकेशन के आपका ITR अधूरा माना जाएगा और विभाग इस पर कोई प्रोसेस नहीं करेगा।