ITR Filing 2025: जैसे ही जुलाई का महीना दस्तक देता है, देशभर के टैक्सपेयर्स इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की तैयारी में जुट जाते हैं। लेकिन इस बार सोशल मीडिया पर एक सवाल तेजी से वायरल हो रहा है कि क्या 17 जुलाई के बाद ITR भरने से रिफंड जल्दी मिलेगा?
इस सवाल ने कई लोगों को उलझन में डाल दिया है। कुछ लोगों का मानना है कि आयकर विभाग की प्रोसेसिंग स्पीड अब इतनी तेज हो गई है कि तारीख मायने नहीं रखती। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है।
जल्दी फाइलिंग का मतलब जल्दी रिफंड
अगर आप मई या जून में ITR फाइल करते हैं और सभी डिटेल्स सही हैं, तो रिफंड आमतौर पर 10–20 दिनों में आ सकता है। लेकिन जैसे-जैसे डेडलाइन (15 सितंबर 2025) नज़दीक आती है, आयकर विभाग पर काम का दबाव बढ़ता है,जिससे प्रोसेसिंग धीमी हो जाती है।
चार्टर्ड अकाउंटेंट की सलाह
चार्टर्ड अकाउंटेंट नियति शाह बताती हैं कि देरी से फाइलिंग करने वालों को अक्सर 60–90 दिनों तक इंतजार करना पड़ सकता है, खासकर अगर डॉक्यूमेंट्स या बैंक डिटेल्स में कोई गलती हो। उनके मुताबिक, फाइलिंग के बाद ई-वेरिफिकेशन करना बेहद जरूरी है और इसे 30 दिनों के भीतर पूरा करना होता है। ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि रिफंड जल्दी आए,तो ITR जल्द से जल्द फाइल करें और तुरंत ई-वेरिफिकेशन करें। 17 जुलाई के बाद फाइलिंग करने से रिफंड जल्दी मिलेगा यहे सिर्फ एक अफवाह है, हकीकत नहीं है।
अगर आपने 15 जुलाई तक ITR फाइल कर दिया है और ई-वेरिफिकेशन भी समय पर पूरा कर लिया है, तो आमतौर पर रिफंड 10 से 17 दिनों के भीतर आपके बैंक खाते में आ सकता है। हालांकि ये समय हर व्यक्ति के केस पर निर्भर करता है। अगर आपकी जानकारी बिल्कुल सही है, TDS और बैंक डिटेल्स में कोई गड़बड़ी नहीं है, तो रिफंड जल्दी मिल सकता है, लेकिन अगर आयकर विभाग को किसी क्लेम की जांच करनी पड़ी या दस्तावेजों में कोई त्रुटि है, तो इसमें 4–5 हफ्ते तक भी लग सकते हैं।