ITR Refund Status: साल 2025 खत्म होने में 7 दिन का वक्त है, लेकिन अभी भी कई लोगों का ITR रिफंड नहीं आया है। अगर आप भी अपने फंसे हुए रिफंड को लेकर परेशान है, तो आपके लिए गुड न्यूज है।
अगर आपने ITR भरते हुए कोई झोल नहीं किया है और अभी तक आपका रिफंड नहीं आया है, तो आपको मायूस होने की जरूरत नहीं है। दरअसल आयकर विभाग का सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर (CPC) आपके ITR फाइल करने के 9 महीने बाद भी रिफंड जारी नहीं करता है, तो उस पर आपको ब्याज मिलना शुरू हो जाएगा।
दरअसल सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर (CPC) भी टैक्सपेयर की तरह डेडलाइन से बंधा होता है। नियम के मुताबिक, जिस वित्त वर्ष में आपने ITR फाइल किया है, उसके खत्म होने के 9 महीने के भीतर CPC को आपका रिटर्न प्रोसेस करना होता है। अगर आपने चालू असेसमेंट ईयर का रिटर्न समय पर या 31 दिसंबर 2025 तक लेट फाइलिंग की डेडलाइन के भीतर भर दिया है, तो CPC के पास इसे प्रोसेस करने के लिए 31 दिसंबर 2026 तक का समय है। अगर इसके बाद भी आपका रिफंड नहीं आया है, तो आपको रिफंड पर ब्याज मिलना शुरू हो जाएगा।
अगर 31 दिसंबर तक नहीं आया रिफंड, तो क्या है उसका मतलब?
टैक्स एक्सपर्ट्स के अनुसार, अगर CPC तय समय सीमा के भीतर आपका रिटर्न प्रोसेस नहीं करता, तो आपकी ITR उसी रूप में फाइनल मानी जाएगी, जैसा आपने उसे फाइल किया था। मतलब, जो एक्नॉलेजमेंट आपको ITR भरते समय मिला है, वही आयकर अधिनियम की धारा 143 के तहत फाइनल intimation माना जाएगा और उसके बाद CPC कोई नई डिमांड या एडजस्टमेंट नहीं कर पाएगा।
ऐसे होता है टैक्सपेयर का फायदा
डेडलाइन मिस होने के बाद भी आयकर विभाग पर यह जिम्मेदारी बनी रहती है कि अगर आपके रिटर्न में रिफंड बनता है तो वो वैध रिफंड आपको जारी करे। इसके साथ ही लेट रिफंड जारी करने पर वो करदाता को ब्याज भी देता है।