Kisan Credit Card: भारत की अर्थव्यवस्था में कृषि की भूमिका आज भी बेहद महत्वपूर्ण है। देश की बड़ी आबादी खेती और उससे जुड़े व्यवसायों पर निर्भर है। ऐसे में किसानों को समय पर और सस्ती दर पर वित्तीय सहायता मुहैया कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहा है। इसी उद्देश्य से शुरू की गई किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना आज करोड़ों किसानों के लिए आर्थिक संबल बन चुकी है। इस योजना का दायरा बढ़ा दिया गया है। अब बकरी पालन और सूअर पालन से जुड़े लोगों को भी कम ब्याज दर पर इसका फायदा मिलेगा।
इस योजना के तहत किसानों को एक कार्ड दिया जाता है, जो ATM की तरह काम करता है। बैंक की ओर से तय सीमा तक किसान कभी भी पैसे निकाल सकते हैं। ब्याज सिर्फ उतने ही पैसों पर लगेगा, जितते पैसे निकाले गए हैं। सामान्य ब्याज दर 7 फीसदी है, लेकिन समय पर भुगतान करने पर सरकार 3 फीसदी की ब्याज सब्सिडी देती है, जिससे प्रभावी ब्याज दर सिर्फ 4% रह जाती है। दरअसल, खेती के लिए बीज, उर्वरक, कीटनाशक, सिंचाई और मशीनरी जैसी जरूरतों के लिए किसानों को अक्सर नकदी की आवश्यकता होती है। पहले उन्हें साहूकारों से ऊंची ब्याज दर पर कर्ज लेना पड़ता था, लेकिन किसान क्रेडिट कार्ड ने इस समस्या को काफी हद तक कम कर दिया है।
क्या है किसान क्रेडिट कार्ड योजना?
किसान क्रेडिट कार्ड योजना की शुरुआत वर्ष 1998 में की गई थी। इसका मकसद किसानों को उनकी कृषि आवश्यकताओं के लिए आसान और जल्द ही लोन की सुविधा मुहैया कराना था। इस योजना के तहत किसान को एक क्रेडिट लिमिट दी जाती है, जिसके भीतर वह आवश्यकता अनुसार धनराशि निकाल सकते हैं। यह व्यवस्था बैंक खाते और एटीएम कार्ड की तरह काम करती है, जिससे किसानों को बार-बार लोन के लिए अप्लाई नहीं करना होता है।
कार्ड एक फायदे अनेक
किसान क्रेडिट कार्ड योजना को अब काफी ज्यादा फ्लेक्सिबल बना दिया गया है, ताकि ग्रामीण इलाकों में स्वरोजगार को बढ़ावा मिल सके। इस स्कीम के तहत किसानों को बिना किसी लंबी कागजी कार्रवाई और गारंटी के बेहद कम ब्याज दर पर लोन मिल जाता है। अगर आप डेयरी फार्मिंग शुरू करना चाहते हैं, नई गाय या भैंस खरीदना चाहते हैं, उनके चारे का इंतजाम करना चाहते हैं। ऐसे तमाम काम के लिए किसान क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं।
ब्याज दर में मिलता है बड़ा फायदा
KCC की सबसे बड़ी विशेषता इसकी कम ब्याज दर है। सरकार की ब्याज सहायता योजना (Interest Subvention Scheme) के तहत सामान्य ब्याज दर लगभग 7 फीसदी रहती है। समय पर लोन चुकाने वाले किसानों को 3 फीसदी तक अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलता है। इसके बाद प्रभावी ब्याज दर सिर्फ 4 फीसदी रह जाती है। यही कारण है कि किसान क्रेडिट कार्ड को देश की सबसे सस्ती ऋण योजनाओं में गिना जाता है।
किसान क्रेडिट कार्ड के लिए कैसे करें अप्लाई
किसानों के लिए यह योजना उनके कृषि सपनों को साकार करने का एक आसान और भरोसेमंद माध्यम है। किसान कृषि कार्यों के लिए पैसों की चिंता किए बिना अपने खेतों और व्यवसाय को बढ़ा सकते हैं। किसान क्रेडिट कार्ड स्कीम का लाभ उठाने के लिए किसान अपने नजदीकी बैंक शाखा में जाकर अप्लाई कर सकते हैं। ध्यान देने वाली है बात है कि इसमें 3 लाख रुपये तक के लोन पर कोई प्रासेसिंग चार्ज नहीं चुकाना पड़ता है।