
किसान दिवस (Kisan Diwas) या राष्ट्रीय किसान दिवस हर साल देशभर में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य देश की अर्थव्यवस्था में किसानों के बड़े योगदान को सम्मान देना और भारत के पाँचवें प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती को याद करना है।
चौधरी चरण सिंह आजीवन किसानों के अधिकारों के लिए काम करते रहे और भूमि सुधारों को लागू करने में उनकी अहम भूमिका रही। सरकार ने वर्ष 2001 में आधिकारिक तौर पर इस दिन को राष्ट्रीय किसान दिवस घोषित किया।
किसान दिवस 2025 का मुख्य विषय है ‘विकसित भारत 2047 – भारतीय कृषि को वैश्विक बनाने में एफपीओ (FPOs) की भूमिका’ है। इस साल की चर्चाओं में किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) और आधुनिक तकनीक के जरिए भारतीय कृषि को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने पर जोर दिया गया है। इस अवसर पर आइए जानते हैं किसानों के कल्याण के लिए शुरू की गई शीर्ष 10 सरकारी योजनाएं:
यह केंद्र सरकार की योजना है, जिसके तहत सभी भूमि धारक किसान परिवारों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि 2,000 रुपये की तीन किस्तों में हर चार महीने में सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है।
यह एक फसल बीमा योजना है, जो प्राकृतिक आपदाओं, कीटों और बीमारियों से होने वाले नुकसान से किसानों को सुरक्षा देती है। इसमें किसानों को कम प्रीमियम देना होता है –
यह मोदी सरकार की एक अहम योजना है, जो किसानों को कम ब्याज दर पर समय पर ऋण उपलब्ध कराती है। इसके तहत किसान 3 लाख रुपये तक का ऋण केवल 4% प्रभावी ब्याज दर पर ले सकते हैं, यदि वे समय पर भुगतान करें।
इस योजना का उद्देश्य पानी के बेहतर उपयोग को बढ़ावा देना है, जिसका नारा है “हर बूंद से ज्यादा फसल”। इसके तहत ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी माइक्रो-इरिगेशन प्रणालियों पर सब्सिडी दी जाती है।
यह एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो देश की एपीएमसी मंडियों को जोड़कर एक राष्ट्रीय कृषि बाजार बनाता है। इससे पारदर्शी कीमत तय होती है और ऑनलाइन व्यापार संभव होता है, जिससे किसानों को बेहतर दाम मिलते हैं।
इस योजना के तहत किसानों को मिट्टी की जांच रिपोर्ट दी जाती है, जिसमें 12 पोषक तत्वों की जानकारी और खाद के सही उपयोग की सलाह होती है। इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और रासायनिक खाद का गलत इस्तेमाल कम होता है।
यह योजना जैविक खेती को बढ़ावा देती है। इसमें समूह आधारित खेती को प्रोत्साहित किया जाता है। राज्यों को 31,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता मिलती है, जिसमें से 15,000 रुपये सीधे किसानों को प्रोत्साहन के रूप में दिए जाते हैं।
यह योजना फसल कटाई के बाद की सुविधाओं जैसे कोल्ड स्टोरेज और गोदाम बनाने के लिए ऋण सुविधा देती है। इसके तहत 2 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 3% ब्याज सब्सिडी मिलती है।
यह योजना किसानों को सौर ऊर्जा से चलने वाले सिंचाई पंप लगाने में मदद करती है। इसमें 30% से 50% तक सब्सिडी मिलती है और किसान अतिरिक्त बिजली को स्थानीय डिस्कॉम को बेच भी सकते हैं।
यह छोटे और सीमांत किसानों के लिए एक स्वैच्छिक पेंशन योजना है। 18 से 40 वर्ष की उम्र के किसान इसमें शामिल हो सकते हैं। 60 साल की उम्र के बाद उन्हें 3,000 रुपये प्रति माह पेंशन मिलती है।
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