SIP, SWP और STP को लेकर होता है कन्फ्यूजन? यहां आसान भाषा में जान लीजिए तीनों के बीच का फर्क

एसआईपी, एसटीपी और एसडब्ल्यूपी तीन प्रमुख योजनाएं हैं। एसआईपी नियमित निवेश के लिए, एसटीपी राशि को एक फंड से दूसरे में ट्रांसफर करने के लिए और एसडब्ल्यूपी नियमित आय प्राप्त करने के लिए उपयुक्त है।

Manali Rastogi
अपडेटेड13 Nov 2025, 05:20 PM IST
SIP, SWP और STP को लेकर होता है कन्फ्यूजन? यहां आसान भाषा में जान लीजिए तीनों के बीच का फर्क
SIP, SWP और STP को लेकर होता है कन्फ्यूजन? यहां आसान भाषा में जान लीजिए तीनों के बीच का फर्क

जो भी व्यक्ति हर महीने कुछ रकम निवेश करके भविष्य में एकमुश्त धनराशि पाना चाहता है, वह पहले से ही सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान की अवधारणा से परिचित होगा। लेकिन इसके अलावा और भी कुछ सिस्टेमैटिक तरीके हैं जो इसी उद्देश्य को पूरा करते हैं।

यह भी पढ़ें | म्यूचुअल फंड के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन कैसे करें KYC? सिंपल है प्रोसेस

म्यूचुअल फंड के संदर्भ में तीन प्रमुख शब्द SIP, STP और SWP अक्सर निवेशकों को भ्रमित करते हैं कि इनमें से किसे चुना जाए। आइए इन तीनों को सरल भाषा में समझें और जानें कि कौन किसके लिए बेहतर है।

SIP क्या होता है?

एसआईपी (Systematic Investment Plan) एक नियमित निवेश की रणनीति है जिसमें निवेशक हर महीने या तय समयांतराल पर एक निश्चित राशि निवेश करता है। यह तरीका निवेशकों को बाजार में धीरे-धीरे और अनुशासित तरीके से निवेश करने में मदद करता है।

यह भी पढ़ें | FASTag अकाउंट को कैसे करें डीएक्टिवेट? जानिए रिफंड पाने का प्रोसेस

एसआईपी का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह रिस्क को कंट्रोल करने और रुपये की लागत औसत (Rupee Cost Averaging) करने में मदद करता है। यानी जब बाजार नीचे होता है, तो आपको ज़्यादा यूनिट्स मिलती हैं, और जब ऊपर होता है, तो कम यूनिट्स जिससे लंबे समय में औसत लागत संतुलित रहती है।

STP क्या होता है?

एसटीपी (Systematic Transfer Plan) एक ऐसा तरीका है जिसमें तय राशि को एक म्यूचुअल फंड स्कीम से दूसरी स्कीम में नियमित रूप से ट्रांसफर किया जाता है। उदाहरण के तौर पर, अगर आप हर महीने 10,000 को Axis Liquid Fund से Axis Bluechip Fund में ट्रांसफर करते हैं, तो इसे एसटीपी कहा जाएगा।

यह भी पढ़ें | अपने म्यूचुअल फंड नॉमिनी को ऑनलाइन कैसे करें अपडेट? जानिए स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

अक्सर एसटीपी का उपयोग तब किया जाता है जब निवेशक अपनी राशि को Debt या Liquid Fund से Equity Fund में स्थानांतरित करना चाहता है। यह तरीका भी बाजार की अस्थिरता को कम करता है और निवेश की औसत लागत को संतुलित बनाता है।

SWP क्या होता है?

एसडब्ल्यूपी (Systematic Withdrawal Plan) उन निवेशकों के लिए उपयोगी है जो अपनी निवेश राशि से नियमित आय प्राप्त करना चाहते हैं। कई लोग इसके लिए बैंक की फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposit) या पोस्ट ऑफिस डिपॉजिट का सहारा लेते हैं, लेकिन जब इन योजनाओं के ब्याज दरें घटती हैं तो भविष्य की आय को लेकर चिंता बढ़ जाती है।

यह भी पढ़ें | क्या होता है रुपया लागत औसत? ये क्यों रखता है मायने, जानिए ये कैसे करता है काम

ऐसे में एसडब्ल्यूपी एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। इस योजना में निवेशक अपने म्यूचुअल फंड निवेश से तय राशि को हर महीने, हर तिमाही या हर साल निकाल सकता है। निवेशक अपनी सुविधा के अनुसार तारीख चुन सकता है, जिस दिन उसकी राशि बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है। यह राशि निकालने की प्रक्रिया म्यूचुअल फंड की यूनिट्स को रिडीम करके की जाती है। जब तक स्कीम में यूनिट्स बची रहती हैं, निवेशक नियमित रूप से निकासी कर सकता है।

जान लीजिए तीनों के बीच का अंतर

अब जबकि हमने तीनों को समझ लिया है, तो देखते हैं कि कौन-सी योजना किस प्रकार के निवेशक के लिए उपयुक्त है।

  • प्रकृति: एसआईपी निवेश करने का तरीका है, एसटीपी फंड ट्रांसफर करने का, और एसडब्ल्यूपी पैसे निकालने का तरीका। यानी एसआईपी और एसटीपी निवेश से जुड़े हैं, जबकि एसडब्ल्यूपी निकासी से संबंधित है।
  • टैक्स: एसआईपी में की गई हर किस्त को अलग निवेश माना जाता है, इसलिए जब भी आप पैसे निकालते हैं तो हर एसआईपी पर अलग-अलग टैक्स गणना होती है। एसटीपी में हर ट्रांसफर को भी एक रिडेम्प्शन माना जाता है, इसलिए उस पर भी टैक्स लागू होता है। एसडब्ल्यूपी के मामले में हर निकासी पर टैक्स लागू होता है क्योंकि यह यूनिट्स की बिक्री के रूप में मानी जाती है।
  • किसके लिए उपयुक्त: एसआईपी उन निवेशकों के लिए सबसे अच्छा है जो हर महीने थोड़ी-थोड़ी बचत कर दीर्घकालिक पूंजी वृद्धि चाहते हैं। एसटीपी तब उपयोगी होता है जब निवेशक अपने फंड को एक स्कीम से दूसरी में स्थानांतरित करना चाहता है ताकि जोखिम और रिटर्न के संतुलन के अनुसार निवेश हो सके।
  • एसडब्ल्यूपी उन लोगों के लिए आदर्श है जिन्हें नियमित आय की आवश्यकता होती है जैसे वरिष्ठ नागरिक या वे लोग जिन्हें हर महीने खर्च जैसे ईएमआई, बच्चों की फीस आदि के लिए पैसों की जरूरत होती है।

(डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। यह किसी प्रकार की वित्तीय या निवेश सलाह नहीं है। निवेश करने से पहले अपने जोखिम प्रोफाइल का मूल्यांकन करें और योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। बाजार की स्थितियां और नियम समय-समय पर बदल सकते हैं।)

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

बिजनेस न्यूज़मनीSIP, SWP और STP को लेकर होता है कन्फ्यूजन? यहां आसान भाषा में जान लीजिए तीनों के बीच का फर्क
More
बिजनेस न्यूज़मनीSIP, SWP और STP को लेकर होता है कन्फ्यूजन? यहां आसान भाषा में जान लीजिए तीनों के बीच का फर्क
OPEN IN APP