फिक्स्ड डिपॉजिट एक तरह की टर्म डिपॉजिट होती है, जो बैंक अपने ग्राहकों को देती है। इसमें आप एक लंप सम अमाउंट किसी तय समय अवधि के लिए जमा करते हैं और उस पर बैंक आपको फिक्स्ड इंटरेस्ट रेट देता है।
यह सेविंग अकाउंट की तुलना में ज्यादा रिटर्न देती है और पूरी तरह सुरक्षित निवेश मानी जाती है। एफडी करने से आपकी बचत बढ़ती है और यह आर्थिक स्थिरता प्रदान करती है, जिससे लंबे समय के वित्तीय लक्ष्य पूरे करने में मदद मिलती है।
टर्म डिपॉजिट क्या होती है?
टर्म डिपॉजिट वह जमा होती है जिसमें आपकी राशि एक तय समय तक लॉक रहती है। इसी कारण फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को भी टर्म डिपॉजिट कहा जाता है। लेकिन टर्म डिपॉजिट सिर्फ एफडी तक सीमित नहीं है, इसमें रिकरिंग डिपॉजिट (RD), पोस्ट ऑफिस डिपॉजिट, विदेशी मुद्रा डिपॉजिट और सीनियर सिटीजन डिपॉजिट जैसी योजनाएं भी शामिल होती हैं।
जानिए दोनों के बीच की समानताएं
टर्म डिपॉजिट और फिक्स्ड डिपॉजिट दोनों ही योजनाओं में ग्राहक अपनी राशि बैंक या वित्तीय संस्था में एक तय अवधि के लिए जमा करते हैं और उस पर तय ब्याज प्राप्त करते हैं। ये दोनों ही कम जोखिम वाले निवेश होते हैं और स्थिर आय का भरोसा देते हैं।
जानिए दोनों के बीच का अंतर
हालांकि, दोनों में बहुत समानताएं हैं, लेकिन टर्म डिपॉजिट एक व्यापक श्रेणी है जिसमें एफडी, आरडी और अन्य जमा योजनाएं आती हैं। फिक्स्ड डिपॉजिट सिर्फ एक प्रकार की टर्म डिपॉजिट है, जिसमें एकमुश्त राशि तय समय के लिए जमा की जाती है। दोनों ही योजनाएं निश्चित ब्याज दरों के साथ स्थिर रिटर्न देती हैं और निवेशकों को अपनी सुविधा के अनुसार अवधि चुनने की आजादी प्रदान करती हैं।