
सरकार ने सभी घरेलू एलपीजी (रसोई गैस) उपभोक्ताओं से बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण (ई-केवाईसी) पूरा करने को कहा है। यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब पश्चिम एशिया में तनाव के बीच हाल के दिनों में गैस सिलेंडर की बुकिंग में थोड़ी कमी आई है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि घरेलू एलपीजी उपभोक्ता अब घर बैठे ही अपनी ऑयल मार्केटिंग कंपनी के मोबाइल ऐप और आधार फेसआरडी (Aadhaar FaceRD) ऐप की मदद से ई-केवाईसी पूरा कर सकते हैं।
इंडेन गैस के उपभोक्ता इंडियनऑयल वन (IndianOil ONE) ऐप के जरिए यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। भारत गैस के ग्राहक हेलो बीपीसीएल (HelloBPCL) ऐप और एचपी गैस के उपभोक्ता एचपी पे (HP PAY) ऐप का उपयोग कर सकते हैं। ये सभी ऐप एंड्रॉयड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि अगर किसी उपभोक्ता को परेशानी होती है तो वह अपने एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर से संपर्क कर सकता है या टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके मदद ले सकता है।
सफल सत्यापन के बाद सिस्टम यह पुष्टि कर देगा कि ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी हो गई है और आपका एलपीजी कनेक्शन अपडेट हो जाएगा।
एलपीजी रिफिल बुकिंग की संख्या लगभग 77 लाख रह गई है, जो पहले 88.8 लाख थी। इससे संकेत मिलता है कि शुरुआती घबराहट में की गई बुकिंग अब कम हो रही है।
सरकार ने पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर जारी दैनिक अपडेट में कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल या रसोई गैस की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है।
सरकार के अनुसार, ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग का प्रतिशत अब लगभग 87% हो गया है, जबकि पहले यह करीब 8% था। तेल कंपनियों ने डिजिटल बुकिंग को बढ़ावा देने और लोगों को गैस एजेंसी पर जाकर भीड़ लगाने से रोकने के लिए अभियान चलाया है।
सरकार ने यह भी बताया कि देश की सभी घरेलू रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और उनके पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। तेल कंपनियों ने यह भी कहा है कि पेट्रोल पंपों या एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स पर किसी तरह की कमी नहीं है।
सरकार ने यह भी फैसला किया है कि जिन घरों में पहले से पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन है, वे अब सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी कनेक्शन नहीं रख सकेंगे।पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 14 मार्च को इस संबंध में अधिसूचना जारी की।
इसके तहत द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (आपूर्ति और वितरण का विनियमन) आदेश, 2000 में संशोधन किया गया है, जो आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत आता है। नए नियमों के अनुसार, जिन उपभोक्ताओं के घर में पीएनजी कनेक्शन है, उन्हें तुरंत अपना घरेलू एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा।
ऐसे उपभोक्ताओं को अब सरकारी तेल कंपनियों या उनके डिस्ट्रीब्यूटर्स से गैस सिलेंडर की रिफिल नहीं मिलेगी। इसके साथ ही तेल कंपनियों को भी निर्देश दिया गया है कि जिन उपभोक्ताओं के पास पहले से पीएनजी कनेक्शन है, उन्हें नया एलपीजी कनेक्शन या सिलेंडर रिफिल नहीं दिया जाएगा।
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