
Kotal Mutual Fund NFO : अपना पोर्टफोलियो खुद बनाना और उसे बार-बार बैलेंस करना एक मुश्किल काम हो सकता है। कोटक म्यूचुअल फंड का नया 'फंड ऑफ फंड्स' (FOF) इसी मुश्किल को आसान बनाने के लिए आया है। यह उन निवेशकों के लिए अहम है जो एक ही जगह निवेश कर अलग-अलग एसेट क्लासेस का फायदा उठाना चाहते हैं और टैक्स के बोझ को कम करना चाहते हैं।
कोटक म्यूचुअल फंड ने 'कोटक मल्टी एसेट एक्टिव एफओएफ' (Kotak Multi Asset Active FOF) के लॉन्च की घोषणा की है। यह एक ओपन-एंडेड स्कीम है। निवेश के लिए यह न्यू फंड ऑफर (NFO) 8 अप्रैल 2026 को खुल गया है और 22 अप्रैल 2026 को बंद होगा। इस स्कीम में निवेशक न्यूनतम 1,000 रुपये से निवेश शुरू कर सकते हैं।
यह फंड मुख्य रूप से इक्विटी, डेट और कमोडिटी-आधारित स्कीम्स की यूनिट्स में निवेश करेगा। स्कीम का उद्देश्य एक्टिव मैनेजमेंट के जरिए रिस्क को मैनेज करते हुए बेहतर रिटर्न कमाना है। यह फंड कोटक के साथ-साथ अन्य एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMCs) की स्कीम्स में भी निवेश कर सकता है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| NFO खुलने की तारीख | 8 अप्रैल 2026 |
| NFO बंद होने की तारीख | 22 अप्रैल 2026 |
| न्यूनतम निवेश राशि | ₹1,000 और उसके बाद कोई भी राशि |
| फंड मैनेजर | देवेंद्र सिंघल |
| स्कीम का प्रकार | ओपन-एंडेड फंड ऑफ फंड (FOF) |
KMAMC के मैनेजिंग डायरेक्टर नीलेश शाह ने कहा, 'अपना मल्टी-एसेट पोर्टफोलियो खुद बनाना सुनने में आसान लगता है, लेकिन असल में यह कठिन है। आपको कई स्कीम्स को ट्रैक करना पड़ता है और हर बार पोर्टफोलियो बैलेंस करने पर टैक्स का बोझ बढ़ता है। कोटक मल्टी एसेट एक्टिव एफओएफ इस समस्या को सुलझाने की कोशिश करेगा, जहां एसेट एलोकेशन और रीबैलेंसिंग का काम फंड के स्तर पर ही होगा।'
फंड मैनेजर देवेंद्र सिंघल के मुताबिक, 'मार्केट हमेशा एक जैसा नहीं रहता और कोई भी एक एसेट क्लास हर समय अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकता। यह फंड एक एक्टिव एलोकेशन स्ट्रैटेजी अपनाता है ताकि लंबी अवधि में ग्रोथ और स्थिरता के बीच तालमेल बना रहे।'
जोखिम और उपयुक्तताप्रोडक्ट लेबल के अनुसार, इस स्कीम में जोखिम 'बहुत अधिक' (Very High) श्रेणी में है। यह उन निवेशकों के लिए सही हो सकती है जो लंबी अवधि में पूंजी बढ़ाना चाहते हैं। हालांकि, निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से बात जरूर करें।
यह एक ऐसी म्यूचुअल फंड स्कीम है जो सीधे शेयरों या बॉन्ड्स में निवेश करने के बजाय अन्य म्यूचुअल फंड स्कीम्स की यूनिट्स में निवेश करती है। कोटक मल्टि एसेट एक्टिव एफओएफ के मामले में, यह कोटक और अन्य एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMCs) की इक्विटी, डेट और कमोडिटी स्कीम्स में निवेश करेगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि निवेशक को एक ही फंड के जरिए अलग-अलग एसेट क्लासेस और कई फंड मैनेजर्स की विशेषज्ञता का लाभ मिल जाता है।
रीबैलेंसिंग पर बचत: जब आप खुद अलग-अलग फंड्स खरीदकर पोर्टफोलियो बैलेंस करते हैं, तो हर स्विच या बिक्री पर कैपिटल गेन टैक्स देना पड़ता है।
सिंगल स्ट्रक्चर का फायदा: FOF स्ट्रक्चर के भीतर जब फंड मैनेजर एसेट एलोकेशन बदलता है या एक स्कीम से दूसरी में पैसा शिफ्ट करता है, तो निवेशक को उस समय कोई टैक्स नहीं देना पड़ता।
कम्पाउंडिंग में मदद: टैक्स का बोझ कम होने से लंबी अवधि में निवेश पर कम्पाउंडिंग का बेहतर लाभ मिलने की संभावना रहती है।
Disclaimer: यह लेख सिर्फ जानकारी के लिए है। इसमें दिए गए विचार और सुझाव एक्सपर्ट के हैं, मिंट हिंदी के नहीं। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि निवेश संबंधी कोई फैसला लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञ से सलाह लें, क्योंकि बाजार की स्थितियां तेजी से बदल सकती हैं और हालात अलग-अलग हो सकते हैं।
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