Ladki Bahin Yojana August Installment: महाराष्ट्र की लाडकी बहिन योजना की लाभार्थी बहनों को अगस्त वाली किस्त का इंतजार है। आज से सितंबर शुरू हो गया है, लेकिन अभी तक उन्हें अगस्त के महीने के 1500 रुपये नहीं मिले हैं। ऐसे में अब सभी लाभार्थी बहनों का एक ही सवाल है कि उनकी किस्त के 1500 रुपये महराष्ट्र सरकार कब जमा करवाएगी।
कब आएंगे लाडकी बहिन योजना के 1500 रुपये?
अगर आप भी लाडकी बहिन योजना की अगस्त वाली किस्त का अपडेट जानना चाहते हैं, तो saamtv की रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र सरकार गणेश उत्सव के दौरान महिलाओं के बैंक अकाउंट में 1500 रुपये भेज सकती है। अगर ऐसा होता है, तो महिलाओं को गौरी-गणपति आगमन में आर्थिक मदद मिल जाएगी। ऐसे में माना जा रहा है कि लाडकी बहिन योजना की अगस्त की किस्त 16 सितंबर के बाद जमा होने शुरू हो जाएगी।
बता दें कि लाडकी बहिन योजना के लाभार्थियों को राशि सीधे Direct Benefit Transfer (DBT) के जरिए भेजी जाती है। ऐसे में लाभार्थी महिलाओं को सलाह दी जाती है कि वे अपना बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक रखें और ये सुनिश्चित करें कि उनका डीबीटी ऑप्शन एक्टिव हो, ताकि किस्त जारी होते ही बिना किसी रुकावट के पैसा उनके खाते में पहुंच जाए।
पहली बार कब मिली थी लाडकी बहिन योजना की किस्त?
लाडकी बहिन योजना महाराष्ट्र की काफी लोकप्रिय योजना है। इस योजना के जरिए करोड़ों महिलाओं को 1500 रुपये की आर्थिक मदद पहुंचाई जाती है। इस योजना की शुरुआत जुलाई 2024 में शुरू में की गई थी। इसके तहत सालाना 2.5 लाख रुपये से कम कमाने वाले परिवारों की 21 से 65 वर्ष के बीच की योग्य महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता दी जाती है, जो सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर होती है।
हालांकि इस योजना का लाभ कुछ ऐसे लोग भी ले रहे थे, जो इसके पात्र नहीं थे। ऐसे लोगों का ही पता लगाने के लिए सरकार ने ई-केवाईसी की प्रक्रिया शुरू की थी। ई-केवाईसी के जरिए फर्जी लाभार्थियों का पता लगाया गया।
पुरुष भी उठा रहे थे लाडकी बहिन योजना का लाभ
महाराष्ट्र की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने एक कार्यक्रम में बताया कि ई-केवाईसी प्रक्रिया अगस्त 2025 में शुरू हुई थी। उसके बाद जांच में सामने आया कि लगभग 16 लाख लाभार्थियों की सालाना पारिवारिक आय ढाई लाख रुपये से ज्यादा पाई गई, जबकि 4.42 लाख महिलाओं को इसलिए अयोग्य घोषित कर दिया गया, क्योंकि उनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी था। इसके अलावा कुछ पुरुषों और सरकारी कर्मचारियों ने भी लाडकी बहिन योजना के लिए पंजीकरण कराया था और इसका लाभ उठाया था।