
LIC Mutual Fund NFO: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती ताकत ने पारंपरिक आईटी कंपनियों के सामने चुनौती खड़ी कर दी है। वहीं, दूसरी तरफ निवेश के नए रास्ते भी खुल रहे हैं। इसी बदलते परिदृश्य को देखते हुए LIC म्यूचुअल फंड ने अपना नया फंड ऑफर (NFO) LIC MF टेक्नोलॉजी फंड लॉन्च कर दिया है। यह फंड आज, 20 फरवरी से निवेशकों के लिए खुल गया है, जबकि 6 मार्च 2026 अप्लाई किया जा सकता है।
LIC म्यूचुअल फंड का यह नया ऑफर केवल पारंपरिक सॉफ्टवेयर कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा। इसका मकसद तेजी से फैल रहे टेक्नोलॉजी लैंडस्केप का फायदा उठाना है। यह फंड अपना पैसा सेमीकंडक्टर सेक्टर, डेटा सेंटर ऑपरेटर्स, डिजिटल कॉमर्स प्लेटफॉर्म और इंटरनेट बेस्ड बिजनेसों में लगाएगा।
दरअसल, बाजार में नए AI टूल्स के डर से पारंपरिक आउटसोर्सिंग कंपनियों के रेवेन्यू प्रभावित हो सकते हैं। इस डर की वजह से निफ्टी आईटी इंडेक्स हाल ही में अपने 10 महीने लो लेवल पर पहुंच गया था। ऐसे में LIC का यह फंड उन उभरती हुई कंपनियों पर फोकस कर रहा है जो AI और नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके भविष्य की बाजार संरचना तैयार कर रही हैं।
LIC MF टेक्नोलॉजी फंड एक थीमैटिक इक्विटी स्कीम है। इसका मतलब है कि यह एक खास थीम टेक्नोलॉजी पर आधारित है। आंकड़ों की बात करें तो यह फंड अपनी कुल संपत्ति का कम से कम 80% हिस्सा टेक्नोलॉजी और उससे जुड़ी कंपनियों के शेयरों में निवेश करेगा। वहीं, 20% तक अन्य इक्विटी या डेट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश किया जा सकेगा। इसके अलावा, रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REITs) और इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvITs) में भी 10% तक का निवेश किया जा सकता है।
इस फंड का प्रदर्शन BSE TECK Total Return Index (TRI) के आधार पर ट्रैक किया जाएगा। फंड की कमान अनुभवी फंड मैनेजर करण दोषी और जयप्रकाश तोशनीवाल के हाथों में सौंपी गई है। अगर निवेश की सीमा की बात करें, तो आम निवेशक केवल 1000 रुपये के साथ अपनी शुरुआत कर सकते हैं। इसके बाद 1 रुपये के गुणक में कितनी भी रकम निवेश की जा सकती है। वहीं, जो निवेशक एकमुश्त पैसा नहीं लगाना चाहते, उनके लिए SIP का विकल्प भी उपलब्ध है। इसमें हर महीने केवल 200 रुपये से निवेश शुरू किया जा सकता है।
LIC के इस फंड को रिस्क ओमीटर पर वेरी हाई रिस्क की कैटेगरी में रखा गया है। इन्वेस्टमेंट एक्सपर्ट्स का मानना है कि थीमैटिक फंड्स में समय का चुनाव सबसे महत्वपूर्ण होता है। ऑप्टिमा मनी मैनेजर के CEO पंकज मठपाल ने कहा, थीमैटिक फंड्स हर किसी के लिए नहीं होते। उन्होंने आगाह किया है कि अक्सर निवेशक जोश में आकर NFO में निवेश तो कर देते हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता होता कि बाजार से बाहर कब निकलना है।
एक महत्वपूर्ण पॉइंट यह भी है कि ज्यादातर डायवर्सिफाइड म्यूचुअल फंड्स में पहले से ही टेक्नोलॉजी सेक्टर का अच्छा-खासा हिस्सा होता है। फाइनेंशियल सर्विसेज के बाद टेक्नोलॉजी सेक्टर आमतौर पर दूसरा सबसे बड़ा आवंटन होता है। ऐसे में अगर आपके पास पहले से ही अच्छे पोर्टफोलियो वाले फंड्स हैं, तो आपको अतिरिक्त सेक्टर में रिस्क लेने की आवश्यकता है। साथ ही, तकनीक का क्षेत्र बहुत तेजी से बदलता है। नई कंपनियां पुरानी कंपनियों के अस्तित्व के लिए खतरा बन सकती हैं, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ जाता है।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल जानकारी के लिए है। ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें, व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, न कि मिंट के। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से जांच करें।
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