LPG booking Scam India: ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच जंग का असर भारत पर भी पड़ रहा है। इसके चलते LPG गैस की सप्लाई बाधित हो रही है। पैनिक माहौल में लोग हड़बड़ाहट में गैस बुकिंग कर रहे हैं। साइबर ठग इसी जल्दबाजी का फायदा उठा रहे हैं। वे तत्काल गैस बुकिंग के नाम पर लोगों को निशाना बना रहे हैं। इसलिए इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने लोगों को सतर्क करने के लिए ‘एक्स’ पर वीडियो जारी किया है।
Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) के अनुसार, ठग लोग गैस की कमी का डर दिखाकर लोगों को जल्दी-जल्दी बुकिंग करने के लिए मजबूर कर रहे हैं। इस दौरान वे नकली लिंक, ऐप्स और QR कोड का इस्तेमाल करके लोगों से पैसे और निजी जानकारी चुरा रहे हैं।
कैसे काम करता है LPG बुकिंग स्कैम?
इस स्कैम में सबसे पहले यूजर्स को SMS, WhatsApp या सोशल मीडिया पर मैसेज भेजे जाते हैं। इन मैसेज में कहा जाता है कि गैस की कमी हो गई है, इसलिए तुरंत बुकिंग करना जरूरी है या फिर डिस्काउंट का लालच दिया जाता है। इन मैसेज के साथ एक लिंक दिया जाता है, जो दिखने में बिल्कुल असली वेबसाइट जैसा लगता है। कई बार यूजर्स को कोई ऐप डाउनलोड करने या QR कोड स्कैन करके पेमेंट करने के लिए भी कहा जाता है। जैसे ही यूजर इन लिंक या ऐप के जरिए आगे बढ़तें है। उससे OTP, PIN या बैंक डिटेल्स मांगी जाती हैं। अगर यूजर यह जानकारी दे देते हैं, तो ठग आसानी से उसका पैसा और डेटा चुरा लेते हैं।
कैसे पहचानेंगे कि LPG बुकिंग वेबसाइट सही है या फेक?
- वेबसाइट का URL और HTTPS (सिक्योरिटी साइन) देखें।
- फेक वेबसाइट में स्पेलिंग की माइनर गलती होती है।
- वे जल्दी बुकिंग या ऑफर का लालच देकर तुरंत पेमेंट या डिटेल्स मांगती हैं।
- OTP, UPI PIN या बैंकिंग जानकारी मांगी जाए तो सतर्क हो जाएं।
घरेलू LPG की बुकिंग का सही और सुरक्षित तरीका क्या है?
इसके लिए गैस कंपनियों के आधिकारिक प्लेटफॉर्म (जैसे एप, वेबसाइट, रजिस्टर्ड नंबर या वॉट्सएप सर्विस) का इस्तेमाल करें। थर्ड-पार्टी लिंक या गूगल के अनजान नंबर से बुकिंग न करें।