Maharashtra Farmer Loan Waiver Scheme: महाराष्ट्र सरकार ने देश के लाखों किसानों के लिए बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने मंगलवार को 36,585 करोड़ रुपये की कृषि ऋण माफी योजना को मंजूरी दे दी, जिससे लगभग 56 लाख किसानों को सीधे फायदा होने की उम्मीद है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अगुवाई वाली सत्ताकाबिज महायुति गठबंधन ने 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान किसानों की कर्ज माफी का वादा किया था, जिसे अब पूरा कर दिया है।
कितना लोन होगा माफ?
महाराष्ट्र कैबिनेट ने किसानों के 2 लाख रुपये तक के कर्ज माफ करने के लिए 'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना' को मंजूरी दे दी। इसके साीथ ही, समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को प्रोत्साहन लाभ देने का भी फैसला किया गया। मुकख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस योजना को मंजूरी देने का निर्णय लिया गया। CMO के मुताबिक इस योजना के तहत 65 लाख से अधिक खातों को शामिल किया जाएगा और लगभग 56 लाख किसानों के 36,585 करोड़ रुपये के ऋण माफ किए जाने की उम्मीद है।
समय पर कर्ज चुकाने वालों को प्रोत्साहन
इस महीने की 18 तारीख को होने वाले विधान परिषद चुनावों के लिए लागू आदर्श आचार संहिता के मद्देनजर ऋण राहत पैकेज के बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई। मंत्रिमंडल ने यह भी फैसला लिया कि जिन किसानों ने नियमित रूप से अपने फसल ऋण का भुगतान किया है, उन्हें 50,000 रुपये तक का प्रोत्साहन दिया जाएगा।
कर्जमाफी के लिए क्या हैं शर्तें?
इस योजना के तीन घटक हैं-ऋण माफी, एकमुश्त निपटान (OTS) और प्रोत्साहन लाभ और पात्रता के लिए भूमि स्वामित्व का कोई मानदंड नहीं होगा। कर्जमाफी घटक के तहत जिन किसानों का मूलधन और ब्याज सहित कुल बकाया अल्पकालिक फसल ऋण दो लाख रुपये तक है, उन्हें पूरी कर्जमाफी का लाभ मिलेगा। इसके लिए ऋण एक अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच वितरित किया गया होना चाहिए, 30 सितंबर 2025 तक बकाया रहा हो और 31 मार्च 2026 तक उसका भुगतान नहीं किया गया हो।
अगर 2 लाख रुपये से ज्यादा का कर्ज है, तो क्या होगा?
वहीं, जिन किसानों का बकाया ऋण दो लाख रुपये से ज्यादा है, उन्हें योजना के एकमुश्त निपटान घटक (OTS) के तहत शामिल किया जाएगा। ऐसे किसानों को पहले 2 लाख रुपये से ज्यादा की रकम का भुगतान करना होगा, जिसके बाद वे 2 लाख रुपये तक की कर्जमाफी के पात्र बन जाएंगे। किसानों को बकाया रकम में से अपना हिस्सा जमा कराने के लिए 31 मार्च, 2027 तक का समय दिया गया है।
इन किसानों को नहीं मिलेगा लाभ
बता दें कि पॉलिटिकल पॉर्टियों के पदाधिकारी, सरकारी कर्मचारी, टैक्सपेयर्स और सहकारी संस्थाओं के उन अधिकारी और कर्मचारी को इस योजना से बाहर रखा गया है, जिनका वेतन 25,000 रुपये प्रति माह से ज्यादा है।
प्रोत्साहन राशि पाने के लिए ये हैं नियम
वहीं, प्रोत्साहन लाभ घटक के तहत, 2022-23 से 2024-25 के बीच के तीन वित्तीय वर्षों में से कम से कम दो वर्षों में निर्धारित अवधि के भीतर फसल ऋण चुकाने वाले किसानों को 50,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके अलावा, पात्र लाभार्थियों ने यदि चालू वित्तीय वर्ष में फसल ऋण लिया है, तो उन्हें उसका भुगतान भी समय पर करना होगा।
एक अन्य प्रावधान के तहत, जिन किसानों पर 50,000 रुपये से अधिक का बकाया है, वे उस सीमा से अधिक की शेष राशि का भुगतान करने के बाद 50,000 रुपये का अनुदान प्राप्त कर सकते हैं, जिससे वे ऋणमुक्त हो जाएंगे। योजना के क्रियान्वयन की निगरानी मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली एक उच्चस्तरीय समिति करेगी।