MSSC: महिलाओं के लिए खास बचत योजना, 7.5% ब्याज के साथ सुरक्षित निवेश, 31 मार्च 2025 तक मौका

महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र योजना 7.5% की आकर्षक ब्याज दर के साथ महिलाओं को सुरक्षित निवेश का अवसर देती है। इसमें 1,000 से 2 लाख तक निवेश किया जा सकता है, और 31 मार्च 2025 तक खाता खोला जा सकता है।

एडिटेड बाय Priya Shandilya
पब्लिश्ड5 Feb 2025, 02:40 PM IST
महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र महिलाओं के लिए एक छोटी बचत योजना है, जो उनके फाइनेंसियल सिक्योरिटी और आत्म निर्भरता को बढ़ावा देती है।
महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र महिलाओं के लिए एक छोटी बचत योजना है, जो उनके फाइनेंसियल सिक्योरिटी और आत्म निर्भरता को बढ़ावा देती है।

महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र (MSSC) भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग द्वारा शुरू की गई एक विशेष स्मॉल-सेविंग स्कीम है। इसका उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को फाइनेंसियल सिक्योरिटी प्रदान करना और उनमें बचत की आदत को बढ़ावा देना है।

इस स्कीम की घोषणा केंद्रीय बजट 2023-24 में की गई थी। यह स्कीम महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और लाभदायक निवेश का ऑप्शन देती है और उन्हें फाइनेंसियल टर्म पर आत्मनिर्भर होने की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करती है।

1 अप्रैल 2023 से यह योजना लागू हो चुकी है और इसे पोस्ट-ऑफिस, पब्लिक सेक्टर के बैंकों (PSB) और कुछ चुनिंदा प्राइवेट बैंकों के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। यह योजना 31 मार्च 2025 तक वैध है, जिससे महिलाओं को इस योजना का लाभ लेने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।

महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र की मुख्य विशेषताएं

  • महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र (MSSC) महिलाओं के लिए एक विशेष रूप से तैयार की गई योजना है, जो वित्तीय सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देती है।
  • इस योजना के तहत महिलाएं 31 मार्च 2025 तक खाता खोल सकती हैं। यह योजना दो साल की निश्चित अवधि के लिए होगी, जिसके तहत निवेश पर 7.5% वार्षिक ब्याज मिलेगा।
  • MSSC योजना में न्यूनतम जमा राशि 1,000 और अधिकतम 2 लाख रखी गई है, जिससे विभिन्न आर्थिक वर्गों की महिलाएं इसका लाभ ले सकती हैं।
  • यह योजना आंशिक निकासी (40% तक) की सुविधा भी देती है, जो एक वर्ष पूरा होने के बाद उपलब्ध होती है। इससे आकस्मिक आवश्यकताओं के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त करना आसान होगा।
  • पहले MSSC योजना केवल डाकघरों के माध्यम से उपलब्ध थी, लेकिन 27 जून, 2023 की अधिसूचना के अनुसार अब इसे पब्लिक सेक्टर बैंकों और कुछ चुनिंदा निजी बैंकों के माध्यम से भी उपलब्ध कराया गया है।

MSSC खाता खोलने के लिए क्या है एलिजिबिलिटी?

  • कौन खाता खोल सकता है?: यह खाता कोई भी महिला या बालिका खोल सकती है। यदि बालिका नाबालिग है, तो उसके माता-पिता या गर्जियन उसके लिए खाता खोल सकते हैं।
  • आयु प्रतिबंध: हालांकि इस योजना के लिए कोई आयु सीमा नहीं रखी गई है, लेकिन इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को जल्दी बचत करने के लिए प्रेरित करना है।
  • कहां खोले खाता?: MSSC खाता किसी भी डाकघर या उन बैंकों में खोला जा सकता है, जो इस योजना के संचालन के लिए अधिकृत हैं।

महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र के फायदे

  • MSSC योजना महिलाओं को अनुशासित बचत के लिए प्रेरित करती है और आर्थिक रूप से सुरक्षित भविष्य की नींव तैयार करने में मदद करती है।
  • 7.5% का वार्षिक ब्याज दर इसे अन्य सेविंग स्कीम्स से अधिक आकर्षक इन्वेस्टमेंट ऑप्शन बनाता है।
  • भारत सरकार द्वारा संचालित इस योजना में पूरी सुरक्षा और गारंटीड रिटर्न मिलता है, जिससे निवेश में कोई जोखिम नहीं है।
  • बैंकों में इस योजना की उपलब्धता के कारण यह अब ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में भी आसानी से पहुंच योग्य हो गई है।
  • पार्शियल विथड्रावल की सुविधा इसे इमरजेंसी वित्तीय जरूरतों के लिए एक फ्लेक्सिबल ऑप्शन बनाती है।

MSSC योजना में कर लाभ (Tax Benefits)

यह योजना महिलाओं के लिए सुरक्षित और आकर्षक निवेश का अवसर प्रदान करती है, लेकिन टैक्स बेनिफिट की दृष्टि से कुछ महत्वपूर्ण बातें जाननी जरूरी हैं।

1. TDS की स्थिति

इस योजना से अर्जित ब्याज TDS (Tax Deducted at Source) के अंतर्गत नहीं आता, जब तक कि यह आयकर अधिनियम की धारा 194A के निर्धारित सीमा को पार नहीं करता।

TDS तब ही लागू होगा जब डाकघर बचत योजनाओं से अर्जित ब्याज 40,000 (सामान्य खाता धारकों के लिए) और 50,000 (वरिष्ठ नागरिकों के लिए) से अधिक हो।

MSSC में अधिकतम 2 लाख के जमा पर दो साल में अर्जित ब्याज 40,000 से कम होता है, इसलिए TDS की कटौती नहीं की जाती।

2. ब्याज आय पर कितना टैक्स भरना होगा?

हालांकि TDS नहीं कटता, लेकिन MSSC से अर्जित ब्याज इनकम टैक्स के अनुसार टैक्स योग्य है। खाता धारकों को यह आय अपने वार्षिक इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) में घोषित करनी होगी।

3. कर छूट (Tax Exemption)

महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र योजना आयकर अधिनियम की धारा 80C के अंतर्गत कर कटौती के लिए योग्य नहीं है। इसलिए, इस योजना में निवेश करने से कोई डायरेक्ट टैक्स बचत नहीं होती।

समय से पहले खाता बंद करने की शर्तें

MSSC योजना को दो साल की निश्चित अवधि के लिए डिज़ाइन किया गया है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में इसे समय से पहले बंद किया जा सकता है।

यदि खाता खोलने के छह महीने बाद बिना किसी कारण के बंद किया जाता है, तो खाता धारक को 7.5% के बजाय 5.5% वार्षिक ब्याज मिलेगा।

यदि खाता धारक की मृत्यु हो जाती है, तो उसकी जमा राशि और संचित ब्याज नॉमिनी या कानूनी उत्तराधिकारी को प्रदान किया जाएगा।

यदि खाता धारक को गंभीर बीमारी या अभिभावक की मृत्यु जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, तो समय से पहले खाता बंद करने की अनुमति दी जा सकती है। इन मामलों में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे और उस स्थिति में मूलधन पर ब्याज का भुगतान किया जाएगा।

महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र महिलाओं के वित्तीय सशक्तिकरण और आर्थिक सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक प्रभावी योजना है। यह योजना 7.5% की आकर्षक ब्याज दर, सुरक्षित निवेश और आसान पहुंच जैसी सुविधाएं प्रदान करती है।

हालांकि इसमें कोई कर बचत लाभ नहीं है, लेकिन इसकी गैर-जोखिम वाली संरचना इसे महिलाओं और युवा लड़कियों के लिए एक बेहतरीन निवेश विकल्प बनाती है।

31 मार्च 2025 तक यह योजना उपलब्ध है, इसलिए महिलाओं और अभिभावकों को इस अवसर का लाभ उठाकर भविष्य के लिए सुरक्षित निवेश करना चाहिए।

 

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