Year Ender 2025: दुनिया भर में अब से कुछ ही घंटों बार नए साल (New Year 2026) का जश्न शुरू हो जाएगा। वहीं, साल 2025 में पीछे मुड़कर देखें, तो यह साल म्यूचुअल फंड इंडस्ट्रीज के लिए काफी अहम साबित हुआ है। 2025 में म्यूचुअल फंड SIP खुदरा निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरा है। इसी तेजी के आधार पर 2025 में म्यूचुअल फंड एसेट में रिकॉर्ड 14 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। खुदरा निवेशकों की बढ़ती भागीदारी और व्यवस्थित निवेश योजना (SIP) में रिकॉर्ड निवेश से कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) नवंबर तक बढ़कर 81 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
MF इंडस्ट्री का आउटलुक पॉजिटिव
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के CEO वेंकट चालसानी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि इंडस्ट्री का आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है। लगातार SIP इन्वेस्टमेंट विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की निकासी की भरपाई कर रहे हैं और बाजार की मजबूती को सहारा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में फंड फ्लो का रुख वैल्यूएशन और वैश्विक घटनाक्रमों से तय होगा, जिसमें निवेशक बड़े शेयर, डाइवर्सिफाई और हाइब्रिड स्ट्रैटजी को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं।
5 साल 50 लाख करोड़ बढ़ा AUM
AMFI के आंकड़ों के अनुसार, साल 2025 में नेट इन्वेस्टमेंट फ्लो 7 लाख करोड़ रुपये रहा। वहीं, इन्वेस्टर बेस में 3.36 करोड़ की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। केवल SIP के जरिए ही लगभग 3 लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ। इन फ्लो से इंडस्ट्री का AUM 2024 के अंत में 67 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर नवंबर 2025 के अंत तक 81 लाख करोड़ रुपये हो गया। यानी इसमें 21 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, यह बढ़ोतरी दर 2024 के 31 प्रतिशत और 2023 के 27 प्रतिशत से कम है। लेकिन लॉन्ग टर्म ट्रेंड मजबूत बना हुआ है। इससे पहले, म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में 2022 में 7 प्रतिशत और 2021 में करीब 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी। पिछले पांच सालों में AUM में 50 लाख करोड़ रुपये का उछाल आया है।
इन कारणों से हुई बढ़ोतरी
मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया में मैनेजर रिसर्च के डायरेक्टर हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि 2025 में AUM में तेज वृद्धि का कारण मजबूत शेयर बाजार प्रदर्शन और SIP के माध्यम से लगातार खुदरा भागीदारी रही। उन्होंने कहा,'घरेलू बचत का लगातार वित्तीयकरण, पहली बार निवेश करने वाले निवेशकों की बढ़ती संख्या और म्यूचुअल फंड को एक पारदर्शी एवं अच्छी तरह विनियमित निवेश विकल्प के रूप में बढ़ती प्राथमिकता ने भी इसमें अहम भूमिका निभाई।'