
Mumbai Property: देश में रियल एस्टेट की डिमांड हमेशा बनी रहती है। रेजिडेंशियल घरों की मांग दिनों दिन बढ़ती जा रही है। इतना ही ऑफिस स्पेस की भी मांग में इजाफा हो रहा है। इस बीच रियल एस्टेट कंसल्टेंसी फर्म नाइट फ्रैंक, इंडिया की ताजा रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई में तीसरी तिमाही में पूरे भारत में सबसे ज्यादा रेजिडेंशियल घरों की बिक्री दर्ज की गई। जुलाई से सितंबर 2025 के दौरान 24,706 घर बिके। पिछले साल के मुकाबले इस साल 2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
नाइट फ्रैंक इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, ऑफिस मार्केट में ट्रांजैक्शन के आधार पर औसत किराये में 11 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई, जबकि ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में सालाना आधार पर 27 फीसदी की गिरावट देखी गई। मुंबई में आवासीय यूनिट्स की औसत कीमत में 7% (YoY) की ग्रोथ हुई, जो मुख्य रूप से हाई वैल्यू सेगमेंट ( ₹1 करोड़ से ऊपर) में स्थिर मांग के कारण थी।
रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई के बाद बेंगलुरु में 14,538 घरों की बिक्री हुई, लेकिन सालाना आधार पर 2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर, दिल्ली-एनसीआर में 12,955 घर बिके। यहां भी सालाना आधार पर 5 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। वहीं पुणे में सबसे ज़्यादा गिरावट देखी गई, जहाँ बिक्री में साल-दर-साल 8% की गिरावट आई। दक्षिण के बाज़ारों में नजर डालें तो हैदराबाद में 9,601 घर बिके, यहां 5 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली। इधर चेन्नई में 4,617 घर बिके, यहां भी 12 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। अहमदाबाद में मामूली 3 फीसदी घरों की बिक्री बढ़ी है।
नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई में नई लॉन्च में 19% की गिरावट दर्ज हुई, कुल 19,145 यूनिट्स रही। नए लॉन्च को लेकर डेवलपर्स के सतर्क रूख के चलते देशभर में सीमित संख्या में भी आवासीय प्रोजेक्ट्स लॉन्च हुए है। इससे साफ जाहिर है कि डेवलपर्स की प्राथमिकता कैपिटल को बचाकर रखने और प्रोजेक्ट्स को जल्द से जल्द पूरा करने पर है।
नाइट फ्रैंक इंडिया के सीनियर एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (रिसर्च, एडवाइजरी, इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड वैल्यूएशन) गुलाम जिया का कहना है कि बाजार मुख्य रूप से प्रीमियमाइजेशन वाले यूजर्स की मांग से बढ़ा, जबकि कीमतों में बढ़ोतरी के आधार पर देखें तो मांग स्थिर रही है।
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