
National Lok Adalat: अगर आपके किसी केस में सालों से तारीख पर तारीख पड़ रही है या बिजली बिल, पानी टैक्स या चालान का मामला अटका हुआ है, तो आपके लिए राहत की खबर है। आज यानी 13 दिसंबर 2025 को साल की आखिरी नेशनल लोक अदालत लगने जा रही है, जहां एक ही दिन में हजारों मामलों का निपटारा किया जाएगा।
मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देश पर और प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष मनोज कुमार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में 13 दिसंबर 2025 को वर्ष 2025 की अंतिम नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। यह लोक अदालत जिला एवं तहसील न्यायालय बैरसिया सहित पूरे जिले में एक साथ आयोजित होगी।
इस आयोजन का मकसद लंबित मामलों का जल्दी और आपसी सहमति से निपटारा करना है, ताकि लोगों को अदालतों के लंबे चक्कर से राहत मिल सके।
जिला भोपाल में इस समय कुल 1 लाख 58 हजार 651 मामले लंबित हैं। इनमें से 18 हजार 872 राजीनामा योग्य प्रकरण नेशनल लोक अदालत में रखे जाएंगे। इनमें आपराधिक शमनीय मामले, धारा 138 पराक्रम्य लिखित अधिनियम से जुड़े केस, क्लेम प्रकरण, विद्युत अधिनियम, वैवाहिक विवाद और अन्य सिविल मामले शामिल हैं।
इसके अलावा बिजली अधिनियम, बैंक रिकवरी, जलकर, बीएसएनएल और यातायात ई चालान से जुड़े 79 हजार 737 प्रीलिटिगेशन प्रकरण भी लोक अदालत में सुने जाएंगे।
अधिक से अधिक मामलों के समाधान के लिए जिला न्यायालय भोपाल, तहसील न्यायालय बैरसिया, कुटुंब न्यायालय, श्रम न्यायालय और रेरा सहित कुल 61 खंडपीठों का गठन किया गया है। हर खंडपीठ में मामलों को समझौते के आधार पर निपटाने की कोशिश की जाएगी।
इस बार भी बिजली विभाग और नगर निगम लोक अदालत में शासन के निर्देशों के अनुसार छूट प्रदान करेंगे। इससे उन लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके बिजली बिल, टैक्स या अन्य भुगतान लंबे समय से लंबित हैं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सुनीत अग्रवाल ने बताया कि लोक अदालत में यदि किसी मामले का निपटारा होता है, तो पक्षकारों को पूरी कोर्ट फीस वापस कर दी जाती है। साथ ही आपसी सहमति से फैसला होने के कारण समय और पैसे दोनों की बचत होती है।
लोक अदालत से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भोपाल और तहसील विधिक सेवा समिति बैरसिया से संपर्क किया जा सकता है।
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