
BSBD accounts: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) अकाउंट्स के लिए नए नियम जारी किए हैं। ये खाते आमतौर पर जीरो-बैलेंस अकाउंट होते हैं, जिन्हें छोटे सेविंग्स और कम आय वाले लोगों के लिए बनाया गया है। नए बदलावों के बाद इन खातों में और भी ज्यादा सुविधाएं और आसान एक्सेस मिलेगा, ताकि छोटे सेविंग्स वाले ग्राहकों को भी बड़े अकाउंट्स जैसी सहूलियत मिल सके।
हर महीने कम से कम चार फ्री विदड्रॉल्स मिलेंगे, चाहे ATM से हों या इंटर‑बैंक ATM से। सबसे बड़ी राहत यह है कि UPI, IMPS, NEFT, RTGS जैसे डिजिटल पेमेंट को निकासी नहीं माना जाएगा। यानी ग्राहक जितनी चाहे ऑनलाइन ट्रांजैक्शन कर सकता है, बिना महीने की लिमिट से काटे।
जो लोग पहले से BSBD खाते चला रहे हैं, वे चाहें तो इन नई सुविधाओं को अपने खाते में जोड़ने के लिए बैंक से रिक्वेस्ट कर सकते हैं। अगर किसी के पास सामान्य बचत खाता है और वह इसे BSBD खाते में बदलना चाहता है, तो यह भी संभव है, बस शर्त यह है कि उसके पास किसी और बैंक में BSBD खाता नहीं होना चाहिए।
ये सारे बदलाव 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। हालांकि RBI ने बैंकों को अनुमति दी है कि वे चाहें तो इस नए फ्रेमवर्क को इससे पहले भी लागू कर सकते हैं।
RBI का यह कदम छोटे सेविंग्स अकाउंट धारकों को ज्यादा ताकत और सुविधा देने के लिए है। अब BSBD अकाउंट्स सिर्फ बेसिक नहीं रहेंगे, बल्कि डिजिटल और फिजिकल दोनों तरह की सुविधाओं से लैस होंगे।
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