NFO Alert: जैसे कंपनियां आईपीओ लाती हैं, वैसे ही म्यूचुअल फंड कंपनियां अलग अलग थीम पर न्यू फंड ऑफर (एफएफआ) पेश करती हैं। इस बीच अगर कमाई करना चहते हैं तो कई म्यूचुअल फंड न्यू फंड ऑफर (एनएफओ) में पैसे लगाने का मौका सामने आ गया है। एंजल वन म्यूचुअल फंड ने एंजल वन सिल्वर ETF एनएफओ की घोषणा की है। इसमें 9 फरवरी से निवेश के लिए खुल गया है। इसमें 19 फरवरी, 2026 तक पैसे लगा सकते हैं।
यह फंड घरेलू चांदी की कीमतों को ट्रैक करेगा। NFO के दौरान न्यनतम 1,000 रुपये से निवेश किया जा सकता है। यह ETF निवेशकों को चांदी में निवेश करने का मौका देगा। इसी तरह एंजल वन सिल्वर ETF FOF लॉन्च करने की घोषणा की है। इसमें निवेश का मौका 9 फरवरी 2026 से 23 फरवरी 2026 तक रहेगा। दोनों स्कीम में सिल्वर में निवेश करने का मौका मिलेगा।
चांदी में निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी
कंपनी की ओर से जारी की गई प्रेस रिलीज के मुताबिक, ETF निवेशकों को NSE के ज़रिए लगातार निवेश करने की सुविधा देगा, जबकि FoF बिना डीमैट अकाउंट के भी निवेश करने में मदद करेगा। पिछले कुछ समय में चांदी में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। इसे सिर्फ कीमती मेटल ही नहीं माना जाता है।
इसका इस्तेमाल सोलर एनर्जी , इलेक्ट्रिक व्हीकल और डेटा सेंटर्स जैसी नई तकनीकों में भी तेजी से बढ़ा है। ऐसे में उद्योग के क्षेत्र में चांदी की डिमांड में मजबूती बनी हुई है। वहीं दूसरी ओर सप्लाई सीमित होने की वजह से कीमतों में इजाफा देखने को मिलता है।
10 साल में 25.8 फीसदी का CAGR
AMFI डेटा के मुताबिक, दिसंबर 2025 तक भारत में सिल्वर ETF का एसेट अंडर मैनेजमेंट 72,000 करोड़ के पार हो गया है। वहीं 31 जनवरी 2026 तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले 10 साल में चांदी का औसत सालाना रिटर्न (CAGR) रुपये में करीब 25.8 फीसदी रहा। इससे साफ पता चल रहा है कि निवेशक चांदी को पोर्टफोलियो में डायवर्सिफिकेशन के साथ - साथ महंगाई से बचाव के तरीके के तौर पर देख रहे हैं।
कंपनी ने दिया यह बयान
एंजल वन एएमसी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और सीईओ, हेमेन भाटिया ने कहा कि चांदी अब सिर्फ एक कीमती धातु नहीं रह गई है। यह ग्लोबल इकोनॉमी में एक रणनीतिक रूप से अहम एसेट के रूप में उभर रही है। इसका कई जगह इस्तेमाल बढ़ा है। ऐसे में डिमांड बढ़ रही है। चांदी अब लॉन्ग - टर्म इन्वेस्टमेंट बन गई है। ऐसे में चांदी में निवेश करना और जरूरी हो गया है।