NFO Alert: कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (Kotak Mahindra Asset Management Company Limited -KMAMC) ने कोटक सर्विसेज फंड लॉन्च करने का ऐलान किया है। यह एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम है, जो सर्विस सेक्टर पर आधारित है। यह नया फंड ऑफर (NFO) 4 फरवरी 2026 से निवेशकों के लिए खुलेगा। इसके बाद 18 फरवरी 2026 को बंद हो जाएगा। इसके जरिए निवेशकों को भारत के मुख्य ग्रोथ इंजन यानी सर्विस सेक्टर में निवेश करने का मौका मिलेगा।
बता दें कि सर्विस सेक्टर भारत की कुल अर्थव्यवस्था (GVA – ग्रॉस वैल्यू एडेड) में लगभग 55% योगदान देता है और देश की 31.5% आबादी को रोजगार मिला हुआ है। कंज्यूमर सर्विसेज, टेलीकॉम, हेल्थकेयर, लॉजिस्टिक्स, फाइनेंशियल सर्विसेज, आईटी, पावर और ऑयल एंड गैस जैसे कई सेक्टर तेजी से बढ़ रहे हैं। इससे भारत की सर्विस आधारित अर्थव्यवस्था लगातार आगे बढ़ रही है और लंबे समय के निवेशकों के लिए कई नए विकास के मौके पैदा कर रही है।
1000 रुपये से करें निवेश की शुरुआत
इस NFO में न्यूनतम निवेश राशि 1000 रुपये है और इसके बाद ऑफर पीरियड के दौरान कितनी भी राशि का निवेश किया जा सकता है। यह फंड उन निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प है, जो सर्विस सेक्टर से जुड़ी अलग-अलग कंपनियों में निवेश करके लंबे समय में अपनी पूंजी में इजाफा करना चाहते हैं, जैसा कि स्कीम की निवेश योग्यता में बताया गया है।
सभी तरह की कंपनियों में होगा निवेश
कोटक महिंद्रा की ओर से जारी की गई आधिकारिक प्रेस रिलीज के मुताबिक, यह फंड सभी तरह की कंपनियों में निवेश करेगा। इसमें स्मॉल कैप, मिड कैप और लार्ज कैप कंपनियां शामिल है। इसमें जिन कंपनियों का कैश फ्लो मजबूत होगा, लॉन्ग टर्म में बेहतर रिटर्न मिल सके। ऐसी कंपनियों में निवेश किया जाएगा। इस मामले में कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर, निलेश शाह ने कहा कि भारत की सर्विस आधारित अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है।
यह बदलाव लोगों की बढ़ती आमदनी, डिजिटल तकनीक के ज्यादा इस्तेमाल और शहरों के तेजी से बढ़ने की वजह से हो रहा है। उन्होंने आगे कहा कि कोटक सर्विसेज फंड के जरिए हमारा लक्ष्य ऐसा पोर्टफोलियो बनाना है जो भारत की सर्विस इकोनॉमी में आने वाले नए मौकों का फायदा उठा सके और निवेशकों को लंबे समय में अच्छा रिटर्न मिल सके।
बदल रही हैं ग्राहकों की उम्मीदें
कोटक सर्विसेज फंड ऐसे समय में लॉन्च किया जा रहा है, जब भारत की सर्विस आधारित कंपनियां घरों, बिजनेस और संस्थानों के काम करने के तरीकों को तेजी से बदल रही हैं। जैसे-जैसे ग्राहकों की उम्मीदें बदल रही हैं और सर्विसेज देने के तरीके बेहतर हो रहे हैं, वैसे-वैसे यह सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है। खासतौर पर वे कंपनियां आगे बढ़ रही हैं, जो अपनी खास विशेषज्ञता, टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल और मजबूत काम करने की प्रक्रिया के जरिए कम खर्च में बड़े स्तर पर काम कर पा रही हैं।