ATM Machine Small Notes: डिजिटल पेमेंट सिस्टम ने जिंदगी इतनी आसान कर दी है कि कभी-कभी अगर आप कुछ खरीदने के लिए 100 या 500 रुपये का नोट दिखाते हैं, तो दुकानदार कहता है कि इसमें कोई चेंज नहीं है। ऐसा इसलिए है क्योंकि लोग ज्यादातर पेमेंट ऑनलाइन कर रहे हैं। इससे छोटे नोटों की कमी का एहसास होता है। हालांकि, सरकार ने साफ़ कर दिया है कि कोई कमी नहीं है, लेकिन वह ATM से भी छोटे नोट निकालने की योजना बना रही है।
अक्सर लोगों के मन में ये सवाल आता है कि एटीएम से कैश निकालते वक्त 10,20 या 50 नोट क्यों नहीं निकलते, क्या इसमें कोई कमी है? केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्य सभा में एक सवाल के जवाब ये क्लियर कर दिया है कि इन नोटों के सर्कुलेशन में कोई कमी नहीं है।
खास ATM से निकलेंगे छोटे नोट
राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि RBI के अनुसार, पारंपरिक रूप से एटीएम के जरिए छोटे मूल्यवर्ग के बैंक नहीं दिए जाते हैं। उन्होंने सदन को ये भी सूचित किया कि छोटे मूल्य के नोटों के लिए 'स्मॉल वैल्यू डिस्पेंसर' के माध्यम से एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। यानी एक खास तरह के एटीएम से 10, 20 और 50 रुपये के नोट निकलेंगे। इससे लोगों को फुटकर की समस्या से छुटकारा मिलेगा।
छोटे नोटों की सप्लाई के आंकड़े
सरकार के अनुसार चालू वित्त वर्ष में 26 फरवरी तक केंद्रीय बैंक ने बड़ी संख्या में छोटे नोट बाजार में उपलब्ध कराए हैं। इस दौरान 10 रुपये के करीब 439.40 करोड़ नोट, 20 रुपये के 193.70 करोड़ नोट और 50 रुपये के लगभग 130.30 करोड़ नोट जारी किए गए। वहीं पिछले वित्त वर्ष में 10 रुपये के 180 करोड़, 20 रुपये के 150 करोड़ और 50 रुपये के 300 करोड़ नोटों की आपूर्ति की गई थी।
नोट और सिक्कों से पूरी होती है मांग
मंत्री ने बताया कि RBI लगातार अर्थव्यवस्था की जरूरतों के अनुसार विभिन्न मूल्यवर्ग के नोटों की मांग का आकलन करता है और उसी आधार पर सरकार को नोट छापने की सिफारिश करता है। छोटे मूल्य की नकदी की मांग केवल नोटों से ही नहीं बल्कि सिक्कों के माध्यम से भी पूरी की जाती है। इसके अलावा कम राशि के लेनदेन में डिजिटल भुगतान का उपयोग भी तेजी से बढ़ रहा है।
RuPay KCC कार्ड से डिजिटल लेनदेन
एक अन्य प्रश्न के जवाब में मंत्री ने बताया कि National Payments Corporation of India के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में 31 दिसंबर 2025 तक RuPay KCC कार्ड के जरिए लगभग 3.72 लाख डिजिटल लेनदेन दर्ज किए गए। इन लेनदेन का कुल मूल्य करीब 111.17 करोड़ रुपये रहा।