NPS Vatsalya Scheme: आजकल सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि बच्चों की हर जरूरत, चाहे स्कूल की फीस हो, मेडिकल खर्च या भविष्य में घर खरीदना हो, हर चीज का खर्च दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि आपके बच्चे को बड़े होकर पैसों की चिंता न करनी पड़े, तो उसकी फाइनेंशियल तैयारी बचपन से ही शुरू करनी होगी। इसी सोच से जुड़ी है सरकार की NPS वात्सल्य योजना जो बच्चों के लिए एक ऐसा निवेश प्लेटफॉर्म है जिसमें आप आज से पैसे जोड़कर उन्हें भविष्य में मजबूत बना सकते हैं।
क्या है NPS वात्सल्य योजना?
सरकार की यह स्कीम जुलाई 2024 में शुरू की गई थी। यह खासतौर पर 0 से 18 साल तक के बच्चों के लिए बनाई गई है। इसमें माता-पिता या कानूनी अभिभावक PRAN यानी पर्मानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर के जरिए अपने बच्चे के नाम से एक पेंशन खाता खोल सकते हैं। इसमें जमा पैसा सरकारी बॉन्ड्स, इक्विटी और फिक्स्ड इनकम जैसी जगहों में लगाया जाता है, जिससे लंबे समय में कंपाउंडिंग से बड़ा फंड तैयार होता है।
कितना पैसा लगेगा और क्या मिलेगा रिटर्न में?
इस योजना में आप न्यूनतम निवेश ₹1,000 सालाना तक कर सकते हैं, वहीं अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है। आपन जितना भी पैसा जमा करेंगे उसमें अनुमानित रिटर्न 9.15% से 10% तक मिलेगा। उदाहरण के लिए, अगर कोई माता-पिता अपने 3 साल के बच्चे के नाम हर महीने ₹15,000 जमा करते हैं और यह सिलसिला 15 साल तक चलता है, तो जब बच्चा 18 साल का होगा, तो उसके खाते में लगभग ₹60 लाख तक की रकम हो सकती है।
eNPS खाता खोलने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका:
- सबसे पहले eNPS पोर्टल पर जाएं
- “Register Now” पर क्लिक करें (Minors टैब में)
- गार्जियन का पैन, DOB, मोबाइल नंबर और ईमेल डालें
- OTP से वेरिफाई करें
- बच्चे और अभिभावक की जानकारी, डॉक्युमेंट्स अपलोड करें
- ₹1,000 का शुरुआती निवेश करें
- eSign या ड्यूल OTP से प्रक्रिया पूरी करें
- PRAN बनते ही खाता चालू हो जाएगा
जरूरी दस्तावेज
- अभिभावक का KYC: आधार, पैन, वोटर ID आदि
- बच्चे की उम्र का प्रमाण: बर्थ सर्टिफिकेट, स्कूल सर्टिफिकेट या पासपोर्ट
- अगर बच्चा NRI या OCI है, तो विदेशी एड्रेस और बैंक अकाउंट डिटेल्स भी लगेंगे
इस योजना का लाभ क्या है?
बचपन से ही बच्चों में बचत की आदत पड़ेगी। भविष्य में पढ़ाई, शादी या घर जैसे बड़े खर्चों के लिए तैयार रहेंगे। इस योजना में टैक्स छूट और अच्छा रिटर्न मिलता है। इसके अलावा इमरजेंसी में पैसे निकालने की सुविधा भी है। माता-पिता की गैरमौजूदगी में बच्चे को आर्थिक सहारा मिलेगा।
बचत के साथ-साथ सुरक्षा भी
इस योजना में सिर्फ पैसा जोड़ने का मौका नहीं है, बल्कि यह एक सुरक्षा कवच भी है। अगर कभी माता-पिता को कुछ हो जाता है या परिवार पर कोई आर्थिक संकट आ जाता है, तो इस खाते में जमा रकम बच्चे के काम आ सकती है।
इसके अलावा, 25% तक की निकासी शिक्षा या इमरजेंसी जैसी जरूरतों के लिए की जा सकती है। इस योजना के तहत निवेश पर आपको टैक्स में भी फायदा मिलता है। धारा 80C के तहत निवेश पर छूट, धारा 10(10D) के तहत मैच्योरिटी पर टैक्स फ्री रिटर्न।