Loan vs Credit Card: इमरजेंसी कभी भी बताकर नहीं आती है, ये तो सभी जानते हैं, लेकिन जब वो आती है, तो काफी खर्चा करवा देती है। मिडिल क्लास पर जब कोई मुसीबत या इमरजेंसी आती है और अचानक पैसों की जरूरत पड़ती है, तो उसके सामने ओवरड्राफ्ट, पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड तीन विकल्प होते हैं। इन तीन विकल्प से ही उसे पैसे मिल सकते हैं। आइए जानते हैं कि आम आदमी के लिए इन इन तीनों में से कौन-सा विकल्प सही है।
बैंकिंग और फाइनेंस के जानकारों के मुताबिक, हर विकल्प की अपनी खासियत हैं, लेकिन जरूरत के हिसाब से सही विकल्प चुनना चाहिए।
ओवरड्राफ्ट क्या होता है?
ओवरड्राफ्ट एक बैंकिंग सुविधा है जिसमें ग्राहक अपने सेविंग्स या करंट अकाउंट से निर्धारित सीमा से अधिक राशि निकाल सकता है। ये सुविधा आमतौर पर उन ग्राहकों को दी जाती है जिनका बैंकिंग रिकॉर्ड अच्छा होता है। ओवरड्राफ्ट पर ब्याज भी देना होता है। इसलिए इसका इस्तेमाल करने से पहले ब्याज की गणना जरूर कर लें। अगर आपका बिजनेस है, तो उन लोगों के लिए ये बेहतर है।इसकी सीमा सीमित होती है और ब्याज दर लोन से थोड़ी अधिक हो सकती है।
पर्सनल लोन में EMI का ऑप्शन
पर्सनल लोन सैलरी और बिजनेसमैन दोनों के लिए होता है। इसमें एकमुश्त पैसा मिलता है, जिसे EMI के रूप में चुकाना होता है। आम आदमी शादी, घर की मरम्मत, एजुकेशन या मेडिकल खर्च जैसे बड़े खर्चों के लिए पर्सनल लोन निकालता है। अगर आप भी इस ऑप्शन को चुनने जा रहे हैं, तो एक बार बैंकों का ब्याज दर चेक कर लें और जो सबसे कम ब्याज दर पर लोन दे उसी से लें। बता दें कि बैंक लोन देने से पहले क्रेडिट स्कोर, सैलरी चेक करता है। अगर आपकी सैलरी उनके हिसाब से हुई तो लोन पास हो जाता है।
क्रेडिट कार्ड
क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल आजकल काफी बढ़ गया है। काफी क्रेडिट कार्ड हैं, जिसने सेकेंडों में बैंक अकाउंट में पैसे आ जाते हैं। इतना ही नहीं आजकल के दौर में लोग सारी शॉपिंग भी क्रेडिट कार्ड से ही करना पसंद करते हैं। ये एक Revolving credit सिस्टम है, जिसमें ग्राहक एक निर्धारित सीमा तक खर्च कर सकता है और बाद में भुगतान कर सकता है। हालांकि अगर समय पर पूरा भुगतान नहीं किया जाए तो ब्याज दर काफी अधिक हो सकती है।क्रेडिट कार्ड का सबसे बड़ा फायदा है कि यह तुरंत उपलब्ध होता है और कई बार कैशबैक, रिवॉर्ड पॉइंट्स और ऑफर्स भी देता है।
ऐसे में अगर आपको तुरंत थोड़ी रकम चाहिए और बैंक में ओवरड्राफ्ट सुविधा है, तो यह सबसे आसान विकल्प है। अगर खर्च बड़ा है और आप EMI में चुकाना चाहते हैं, तो पर्सनल लोन बेहतर रहेगा। वहीं, अगर आप स्मार्ट तरीके से खर्च करना जानते हैं और समय पर भुगतान कर सकते हैं, तो क्रेडिट कार्ड आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। वित्तीय विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी भी विकल्प को चुनने से पहले अपनी आय, खर्च और चुकाने की क्षमता जरूर चेक कर लें।