
SEBI PaRRVA system full details: भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने निवेशकों के हित को ध्यान में रखते हुए एक बड़ी पहल की है। बाजार नियामक ने 'पास्ट रिस्क एंड रिटर्न वेरिफिकेशन एजेंसी' (PaRRVA) नाम से एक नया सिस्टम शुरू किया है। इसका मुख्य उद्देश्य इन्वेस्टमेंट प्रॉडक्ट्स की गलत बिक्री पर रोक लगाना और डिजिटल ऑडिट ट्रेल्स के जरिए पूरे सिस्टम में पारदर्शिता और मजबूत निगरानी सुनिश्चित करना है। यह तकनीक आधारित सुधार है जो निवेशकों के लिए 'जिम्मेदार निवेश' को बढ़ावा देगा।
SEBI के अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे ने कहा कि यह नई PaRRVA प्रणाली एक टेक्नोलॉजी ड्रिवेन सुधार है। इसका लक्ष्य परफॉर्मेंस रिपोर्टिंग में विश्वसनीयता और निरंतरता लाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भरोसेमंद परफॉर्मेंस डेटा निवेशकों की उम्मीदों को सही तरह से मैनेज करने और 'जिम्मेदार निवेश' को बढ़ावा देने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इस सिस्टम से गलत बिक्री में कमी आएगी और बेहतर पर्यवेक्षण डेटा मिल सकेगा।
इस नए सिस्टम में एक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी PaRRVA के तौर पर काम करेगी, जबकि एक स्टॉक एक्सचेंज 'PaRRVA डेटा सेंटर' (PDC) के रूप में कार्य करेगा। नियामक के अनुसार, ये संस्थाएं पूरी तरह से स्वतंत्र होकर एक पारदर्शी (Transparent) और मानकीकृत पद्धति का इस्तेमाल करके, पिछले रिटर्न को वेरिफाई करेंगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जो प्रदर्शन रिपोर्टिंग निवेशकों के सामने रखी जा रही है, वह तथ्यात्मक और भरोसेमंद हो।
पांडे ने बताया कि सिक्योरिटीज मार्केट में प्रदर्शन रिपोर्टिंग हमेशा से ही निवेशकों के लिए एक बड़ा जोखिम रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'फिनफ्लुएंसर अक्सर बढ़ा-चढ़ाकर या मनगढ़ंत रिटर्न के साथ निवेशकों को लुभाते हैं।' उन्होंने आगे कहा कि 'बेईमान बिचौलिए भी बढ़ा-चढ़ाकर किए गए दावों से निवेशकों की अनिश्चितता को और बढ़ाते हैं।'
वर्तमान नियमों के अनुसार, स्टॉक ब्रोकर, निवेश सलाहकार और रिसर्च एनालिस्ट अपने पिछले प्रदर्शन का जिक्र नहीं कर सकते हैं। इससे उनकी साख स्थापित करना मुश्किल हो जाता है। सेबी अध्यक्ष ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अनरजिस्टर्ड संस्थाएं बिना वेरीफाई किए दावे करती हैं, जिससे निवेशक विनियमित बिचौलियों से दूर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि अच्छी तरह से विनियमित संस्थाओं को वास्तविक ट्रैक रिकॉर्ड होने के बावजूद भी निवेशकों को आकर्षित करने में संघर्ष करना पड़ता है।
SEBI ने स्पष्ट किया है कि बिचौलियों को किसी विशिष्ट प्रोडक्ट या सर्विस के PaRRVA से वेरिफाई किए गए रिटर्न को चुनिंदा तरीके से दिखाने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा, सत्यापित प्रदर्शन केवल निर्दिष्ट अवधियों के लिए ही होगा। नियामक ने कहा कि बिचौलिए अपनी मर्जी के अनुकूल परिणाम दिखाने के लिए तारीखों या अवधियों का मनमाना चयन नहीं कर पाएंगे।
लॉन्च इवेंट के मौके पर, सेबी अध्यक्ष तुहिन कांता पांडे ने एक और महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सेबी एजुकेशनल उद्देश्यों के लिए लाइव स्टॉक एक्सचेंज डेटा के उपयोग को प्रतिबंधित करने के लिए नियमों में बदलाव करेगा।
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