How to Start Pearl Farming: मोती का नाम सुनकर सबसे पहले दिमाग में समुद्र आता है। हर किसी को लगता है कि मोती सिर्फ समुद्र की गहराइयों में मिलते हैं, लेकिन सच ये है कि अब आप इसे अपने घर के पीछे एक छोटे से तालाब या टैंक में भी उगा सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, एक सीप की कीमत बाजार में लगभग ₹20 से ₹30 होती है। इसमें न्यूक्लियस डालने और इसके रखरखाव का खर्च जोड़ लिया जाए, तो कुल निवेश ₹50 से ₹60 के आसपास बैठता है।
वही सीप,12 से 18 महीने की देखभाल के बाद जब तैयार होता है,तो उसके भीतर से निकलने वाले एक अच्छी क्वालिटी के मोती की कीमत ₹600 से लेकर ₹1200 तक हो सकती है। अगर मोती डिजाइनर या खास शेप का है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत और भी बढ़ जाती है।
कितना मिलता है रिटर्न?
इसे एक छोटे बिजनेस के तौर पर इसे देखते हैं। मान लीजिए कि आप इस बिजनेस को 1000 सीप के साथ करते हैं। अगर कुल लागत की बात करें, तो ₹50,000 आएगी। इसके साथ ही मान लेते हैं कि 20-30% सीप खराब हो गए, फिर भी आपके पास 700 स्वस्थ सीप बचेंगे।अब रिटर्न की बात करें, तो 700 मोती में से एक मोती 600 रुपये का बिकता है, तो कुल 4,20,000 बचते हैं। यानी मात्र 50 हजार के निवेश पर आप 4 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई कर सकते हैं। इसी वजह से कई युवा किसान मोती के बिजनेस में पैसा डाल रहे हैं।
- सर्जरी के बाद सीपों को 10-15 दिनों के लिए एंटीबायोटिक घोल में रखा जाता है ताकि उन्हें इन्फेक्शन न हो और वे रिकवर कर सकें।
- इसके बाद सीपों को जालीदार बैग में डालकर तालाब या पानी के टैंक में लटका दिया जाता है। यहां वे अगले 1 साल तक शैवाल खाकर अपना पेट भरते हैं और धीरे-धीरे न्यूक्लियस के चारों ओर नेकर की परत चढ़ाते हैं, जो बाद में मोती बन जाता है।
इस बिजनेस का असली सीक्रेट 'डिजाइनर मोती' है। गोल मोती तो हर जगह मिलते हैं, लेकिन अगर आप सीप के अंदर गणेश जी, लक्ष्मी जी या किसी विशेष प्रतीक का सांचा डालते हैं, तो मोती उसी आकार में तैयार होता है। इन धार्मिक और फैंसी मोतियों की मांग विदेशों में बहुत ज्यादा है, और ये साधारण मोती से तीन गुना ज्यादा दाम पर बिकते हैं।